लखनऊ

Lucknow Bank Fraud: 50 लाख की बैंक ठगी का खुलासा, पति-पत्नी गिरफ्तार, 10 पासबुक और 7 चेकबुक बरामद

Lucknow Bank Fraud: लखनऊ में 50 लाख रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से कई पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड और फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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Aug 28, 2026
Lucknow Bank Fraud News Lucknow Crime News Bank Fraud in Lucknow
पति-पत्नी ने मिलकर किया 50 लाख का फ्रॉड (photo- freepik)

Lucknow Bank Fraud News: राजधानी लखनऊ में बैंक खातों से लाखों रुपये निकालने वाले एक कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पीजीआई पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी चेक, पासबुक और दूसरे बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खाताधारकों के पैसे निकालते थे। मामला तब सामने आया जब एक महिला ने अपने बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी की शिकायत पुलिस से की।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र स्थित भीखनापुर गांव निवासी नेहा सिंह (36) और विजय सिंह (46) के रूप में हुई है। दोनों को 25 अगस्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। मामले की जांच में पुलिस को एक अन्य व्यक्ति आलोक मिश्रा के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है।

चेकबुक इस्तेमाल ही नहीं की, फिर खाते से निकल गए 50 लाख

मामले की शुरुआत 4 जून को हुई शिकायत से हुई। जावित्री इंस्टीट्यूट, तेलीबाग की चेयरपर्सन ईश त्यागी ने पीजीआई थाने में शिकायत देकर बताया था कि उनके एक्सिस बैंक के खाते की चेकबुक का उन्होंने इस्तेमाल ही नहीं किया था। इसके बावजूद खाते से करीब 50 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड के साथ तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों की जांच शुरू की। डीसीपी दक्षिण के स्तर से जांच के लिए दो टीमें बनाई गईं, जिसमें पीजीआई पुलिस की साइबर टीम को भी शामिल किया गया था।

ऐसे तैयार करते थे फर्जी चेक

जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह कथित तौर पर अलग-अलग खाताधारकों की बैंक डिटेल हासिल करता था। इसके बाद चेक पर खाते का नंबर और दूसरी जानकारियां भरकर हस्ताक्षर की नकल की जाती थी। तैयार किए गए चेक को बैंक में पेश कर रकम निकालने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के पास कई लोगों की पासबुक, चेकबुक और ATM कार्ड भी मौजूद थे। इससे आशंका है कि आरोपित केवल एक खाते को निशाना नहीं बना रहे थे, बल्कि कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।

फर्जी कंपनी और GST नंबर से पैसों को घुमाने का आरोप

इस मामले का सबसे अहम पहलू यह सामने आया है कि पुलिस को दो संदिग्ध फर्जी कंपनियों के दस्तावेज और दो GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी मिले हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक कथित तौर पर फर्जी तरीके से निकाली गई रकम को कंपनी से जुड़े बैंक खातों में भेजा जाता था और इसके बाद गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा जाता था। पुलिस ने आरोपितों के पास से 10 पासबुक, 7 चेकबुक, 6 ATM कार्ड, 6 PAN कार्ड, 8 आधार कार्ड और 7 कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

अब पुलिस की जांच का अगला फोकस क्या?

50 लाख रुपये की कथित निकासी के अलावा बरामद दस्तावेजों की संख्या ने जांच को बड़ा रूप दे दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों से कितने बैंक खातों को निशाना बनाया गया और फर्जी कंपनियों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ। साथ ही पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और पैसों के अंतिम ठिकाने की भी जांच कर रही है।

Updated on:
28 Aug 2026 09:03 am
Published on:
28 Aug 2026 09:03 am