इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में हरियाणा की विनेश फोगाट ने स्वर्ण मेडल जीतकर इतिहास रचा है
लखनऊ. इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में हरियाणा की विनेश फोगाट ने स्वर्ण मेडल जीतकर इतिहास रचा है। एशियन गेम्स के इतिहास में कुश्ती के लिए स्वर्ण मेडल जीतने वाली वह पहली महिला पहलवान बन गई हैं। लेकिन इस जीत की तैयारी उन्होंने लखनऊ में की थी, जहां उन्होंने 7 सालों तक ट्रेनिंग ली थी। उनकी जीत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इससे करोड़ों बेटोयों को नए सपने देखने का हौसला मिलेगा।
नहीं मानी थी हार
लखनऊ के सांई सेंटर में विनेश फोगाट ने कुश्ती में चमक बिखेरने के गुर सीखे हैं। रियो ओलंपिक 2016 में उनके पैर में फ्रैक्चर हो जाने के कारण वह खेल से बाहर हो गई थीं। लेकिन बिना हार माने विनेश ने लखनऊ के रीजनल सेंटर में कुश्ती के दांव पेंच सीखकर धमाकेदार वापसी की।
देश में कुश्ती का बड़ा सेंटर
बता दें कि भारतीय संघ और लखनऊ सांई सेंटर के बीच चार साल से नेशनल रेसलिंग कैंप का अनुबंध चल रहा है। इसकी शुरूआत लखनऊ में सीनियर महिला कुश्ती कैंप से हुई थी। यहां राष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए 100 बेड हैं। इस सेंटर में तमाम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहलवान प्रैक्टिस करते हैं।
सांई सेंटर में मना जीत का जश्न
सांई सेंटर में विनेश की जीत का जश्न मनाया गया। वे एशियाई खेलों में कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। सांई सेंटर में विनेश की जीत का जश्न मिठाई बांटकर कर मनाया गया। हर तरफ विनेश के धमाकेदार प्रदर्शन की चर्चा थी।
सांई सेंटर में मना जीत का जश्न
सांई सेंटर में विनेश की जीत का जश्न मनाया गया। वे एशियाई खेलों में कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। सांई सेंटर में विनेश की जीत का जश्न मिठाई बांटकर कर मनाया गया। हर तरफ विनेश के धमाकेदार प्रदर्शन की चर्चा थी। सांई की कार्यकारी निदेशक रचना गोविल बताती हैं कि जब कोई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतता है, तो बहुत खुशी होती है। यहां जबसे कुश्ती के कैंप लगने शुरू हुए हैं, तबसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार हुआ है।