Lucknow Kaiserbagh Crime: लखनऊ के कैसरबाग में पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से टप्पेबाज गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने महिला को झांसा देकर उसके गहने ठग लिए थे।
Lucknow Crime: राजधानी लखनऊ में बढ़ती ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में कैसरबाग थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए टप्पेबाजी करने वाले गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की, जिससे पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सका। पुलिस के अनुसार, यह मामला 4 अप्रैल का है, जब उदयगंज क्षेत्र की एक महिला को आरोपियों ने अपने झांसे में लेकर उसके गहने ठग लिए थे। आरोपियों ने महिला को बहला-फुसलाकर उसके कान के टॉप्स और मंगलसूत्र हड़प लिए और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पीड़िता ने थाना कैसरबाग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने करीब 15 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। घंटों की मेहनत और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनकी गतिविधियों के बारे में अहम सुराग मिले।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और सआदत अली मकबरे के पास घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन को पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान शंकर राठौर, सुनील राठौर और प्रदीप राय के रूप में हुई है। तीनों आरोपी पेशेवर टप्पेबाज बताए जा रहे हैं, जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर उनसे गहने और कीमती सामान ठगते थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके कब्जे से पीली धातु का एक लॉकेट और एक जोड़ी टॉप्स बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि ये वही सामान है, जो महिला से ठगा गया था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी लत पूरी करने के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। उनका मुख्य निशाना सीधी-सादी महिलाएं होती हैं, जिन्हें वे आसानी से अपने झांसे में ले लेते हैं। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे अलग-अलग इलाकों में घूमकर मौका देखकर वारदात को अंजाम देते थे और तुरंत वहां से फरार हो जाते थे, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शंकर राठौर का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ बदायूं और गोरखपुर जैसे जिलों में ठगी और नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। इससे यह साफ होता है कि वह एक शातिर अपराधी है और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।
इस पूरे मामले में कैसरबाग पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है। सीमित समय में इतने बड़े क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचना पुलिस की कुशलता और तत्परता को दर्शाता है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और आम जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत होगा।
इस घटना के बाद पुलिस ने महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि अनजान लोगों की बातों में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।