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यूपी भाजपा की नई टीम का इंतजार बढ़ा, कुछ नामों को लेकर अभी भी संशय! जल्द हो सकता है ऐलान

UP BJP New Team: यूपी भाजपा की नई टीम की घोषणा में क्यों हो रही है देरी? दिल्ली में किन VIP नामों पर फंसा है पेंच। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बैठक के बाद क्या बड़े बदलाव होंगे।
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लखनऊ

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Pratiksha Gupta

•

Updated: 30 May 2026, 11:12 AM IST

UP BJP, UP Assembly Elections

दिल्ली में इन VIP नामों पर फंसा पेंच | फोटो सोर्स- X(@mppchaudhary)

UP BJP New Team: उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खबर है। नई टीम की लिस्ट लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन इस पर आखिरी मुहर दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक के बाद लगेगी। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर नामों को फाइनल कर लिया गया है, लेकिन कुछ VIP नामों को लेकर अभी भी बातचीत चल रही है। इन खास नामों पर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। यही वजह है कि यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में ही रुके हुए हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ फाइनल बैठक होते ही किसी भी समय नई टीम का घोषणा की जा सकती है।

दिल्ली में इन वीआईपी नामों पर फंसा है पेंच

सूत्रों के अनुसार, इस बार नई टीम बनाने में बहुत ध्यान रखा जा रहा है, ताकि परिवारवाद के आरोपों से बचा जा सके। चर्चा है कि एक केंद्रीय मंत्री के बेटे और एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के पोते को टीम में जगह देने को लेकर दिल्ली में अभी बात फंसी हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अपने पोते को आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाना चाहते हैं, इसलिए मामला थोड़ा अटक गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी यूपी में ही है, इसलिए वहां के किसी भी बदलाव के लिए दिल्ली से सहमति ली जा रही है।

बड़े पदों के लिए नेताओं में आपस में ही मची होड़

यूपी भाजपा के अंदर बड़े पदों को पाने के लिए नेताओं के बीच मुकाबला तेज हो गया है। इस समय प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे दो बड़े नेता, अभिजात मिश्रा और अर्चना मिश्रा के बीच महामंत्री पद पर प्रमोट होने की दौड़ चल रही है। दोनों ही नेताओं की दिल्ली के गलियारों में मजबूत पकड़ मानी जाती है, इसलिए देखना होगा कि बाजी किसके हाथ लगती है। इसके साथ ही, मौजूदा टीम के करीब एक दर्जन से ज्यादा नेताओं की छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रीय अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। वाराणसी के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल की कुर्सी बचेगी या जाएगी, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है।

चुनाव को देखते हुए 5 जिलाध्यक्षों का हो चुका है ऐलान

भले ही पूरी प्रदेश टीम के आने में थोड़ा समय लग रहा हो, लेकिन भाजपा ने दो दिन पहले ही पांच जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी थी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जिन नामों का ऐलान किया है, उनमें आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातिगत समीकरणों को बखूबी साधा गया है।

इस लिस्ट में वाराणसी से रामसकल पटेल और अंबेडकरनगर से दिलीप देव पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है, जो OBC से आते हैं। वहीं देवरिया जिले की कमान काली प्रसाद को दी गई है, जो दलित समाज का चेहरा हैं। इनके अलावा चंदौली से काशीनाथ सिंह और गोरखपुर शहर से रमेश प्रसाद गुप्ता को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा ने इन पांच नामों में दो ओबीसी और एक दलित चेहरे को आगे करके साफ कर दिया है कि उसका पूरा ध्यान जमीनी वोट बैंक मजबूत करने पर है। अब बस इंतजार अमित शाह के साथ होने वाली फाइनल बैठक का है। जिसके बाद यूपी भाजपा की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।