
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित TechSangam-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की तकनीकी तरक्की, कानून-व्यवस्था और रोजगार को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि लखनऊ देश की पहली एआई सिटी बनने की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश को एआई और डेटा सेंटर के प्रमुख हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इस अवसर पर क्वांटम फॉरेंसिक्स और विधिक अनुपालन पर आधारित LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में एसटीपीआई का विस्तार किया जा रहा है और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण भी हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का जिक्र किया कि " Data is the new oil…" और कहा कि उत्तर प्रदेश इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने 'इंडिया एआई मिशन' का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी एआई क्षमताओं के विकास, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, इनोवेशन को प्रोत्साहन और सुरक्षित व जिम्मेदार एआई इकोसिस्टम के निर्माण पर आज विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश बीमार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आज यूपी की गिनती देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा की गारंटी है और उसी मजबूती के साथ युवाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई अपराधी बचकर नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लोगों को दशकों तक न्याय की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी और अदालतों में "तारीख पर तारीख" की परंपरा भी खत्म होगी।
पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अपराधियों को बचने का पूरा मौका दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उस दौर में भू-माफिया के सामने दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस भी लाचार दिखती थी, जबकि अब हालत यह है कि दूसरी एफआईआर होते ही अपराधी बख्श देने की गुहार लगाने लगते हैं।
मुख्यमंत्री ने संस्कृत सूक्ति "विद्या ददाति विनयम्" का उल्लेख करते हुए कहा कि यही TechSangam-2026 का भी उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि तकनीक और ज्ञान का उपयोग समाज और प्रदेश के हित में विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।