लखनऊ

Follow-up: गोमती उफान पर, फैजुल्लागंज में नावों से राहत जारी, 20 हजार बोतल पानी बांटा

Lucknow Flood 2026 : गोमती का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज में जलभराव के बीच प्रशासन ने राहत अभियान तेज किया। 48 नावों से प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
4 min read
• •
Oct 06, 2026
गोमती का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रभावित इलाके में नाव के जरिए सुरक्षित स्थान की ओर जाते लोग। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
गोमती का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रभावित इलाके में नाव के जरिए सुरक्षित स्थान की ओर जाते लोग। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Lucknow Faizullaganj Flood: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कई रास्तों पर पानी भरने और आवाजाही प्रभावित होने के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए नावों को राहत की जीवनरेखा बनाया गया है। प्रशासन की टीमें पानी से घिरे इलाकों में नावों के जरिए पहुंचकर लोगों को भोजन, पानी और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध करा रही हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं।

48 नावें बनीं राहत की जीवनरेखा

गोमती का जलस्तर बढ़ा, फैजुल्लागंज में राहत ऑपरेशन तेज  (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )    

फैजुल्लागंज और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 48 नावें लगाई गई हैं। जिन इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहां नावों के जरिए प्रशासनिक टीमें पहुंच रही हैं। नावों पर राहत सामग्री लादकर प्रभावित बस्तियों तक पहुंचाई जा रही है। जलभराव के कारण घरों से बाहर निकलने में असमर्थ परिवारों को उनके घरों तक ही भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। राहत कार्य में जुटी टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है, जिन्हें जलभराव के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की कोशिश है कि पानी के बीच फंसे लोगों तक जरूरी सामान की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

20 हजार से ज्यादा बोतल पानी वितरित

जलभराव के बीच सबसे बड़ी जरूरत स्वच्छ पेयजल की है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बड़े स्तर पर बोतलबंद पानी वितरित किया जा रहा है। अब तक 20 हजार से ज्यादा पानी की बोतलें प्रभावित नागरिकों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। नावों और राहत टीमों के जरिए उन परिवारों तक भी पानी पहुंचाया जा रहा है, जहां सामान्य आवाजाही बाधित है। पेयजल के साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। अब तक 6,500 से अधिक भोजन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जलभराव के दौरान किसी परिवार को भोजन और पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।

1,500 राहत किट से जरूरतमंदों को सहारा

जलभराव से प्रभावित परिवारों के लिए अब तक 1,500 से ज्यादा राहत किट बांटी जा चुकी हैं। इन राहत किट के जरिए लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राहत वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है और स्थिति के अनुसार सामग्री की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों और राहत टीमों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में किसी भी परिवार को मदद के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। नावों के जरिए घर-घर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी राहत कार्य में सहयोग लिया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद लोगों तक तेजी से मदद पहुंचाई जा सके।

चार राहत शिविरों में मिल रही मदद

प्रभावित नागरिकों के लिए चार राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिन लोगों के घरों में पानी भर गया है या जिन्हें सुरक्षित स्थान पर जाना जरूरी है, उनके लिए राहत शिविरों में व्यवस्था की गई है। यहां जरूरतमंद लोगों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि जलभराव की स्थिति में अनावश्यक रूप से पानी में न उतरें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

फैजुल्लागंज के जलभराव वाले इलाकों में नाव से राहत सामग्री पहुंचाते प्रशासनिक कर्मचारी। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )    

बीमारी रोकने के लिए फॉगिंग तेज

जलभराव के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य और नगर निकाय की टीमों ने फॉगिंग अभियान भी तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फॉगिंग कर मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम का प्रयास किया जा रहा है। जलभराव वाले इलाकों में साफ-सफाई और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पानी उतरने के बाद भी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों में निगरानी जारी रखी जाएगी। लोगों को साफ पानी पीने और आसपास गंदगी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

रात में भी पुलिस की पेट्रोलिंग

जलभराव की स्थिति को देखते हुए रात के समय भी पुलिस पेट्रोलिंग जारी रखी गई है। प्रभावित इलाकों में पुलिस टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। कंट्रोल रूम से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पानी का स्तर, प्रभावित इलाकों की स्थिति और लोगों की जरूरतों की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। जहां पानी के कारण सड़क मार्ग बंद या बाधित है, वहां नावों के जरिए प्रशासन की मदद पहुंचाई जा रही है।

पानी ने रोके रास्ते तो नाव बनी सहारा

फैजुल्लागंज में इस समय नावें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का सबसे अहम जरिया बन गई हैं। जिन रास्तों पर पानी ने आवाजाही रोक दी है, वहां राहतकर्मी नाव लेकर पहुंच रहे हैं। भोजन और पानी के साथ जरूरतमंदों तक अन्य जरूरी सामान भी पहुंचाया जा रहा है।

जलभराव प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री और पेयजल का वितरण करती प्रशासन की टीम। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )    

गोमती के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन का पूरा जोर राहत कार्यों को लगातार गति देने पर है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार नावों, राहत सामग्री तथा अन्य संसाधनों को बढ़ाने की तैयारी में हैं। प्रभावित नागरिकों को भरोसा दिलाया गया है कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ खड़ा है और पानी से घिरे हर परिवार तक मदद पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।