लखनऊ

Lucknow Kanpur Expressway: 4200 करोड़ का एक्सप्रेसवे, सड़क सुखाने के लिए लगे पंखे! कांग्रेस और अखिलेश यादव ने BJP को घेरा

Uttar Pradesh Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पेचवर्क के बाद बरसाती पानी सुखाने के लिए लगाए गए पंखों को लेकर सियासत तेज हो गई। कांग्रेस और अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल उठाए।
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Aug 06, 2026
Lucknow Kanpur Expressway Expressway News Akhilesh Yadav
सड़क सुखाने के लिए लगे पंखे (photo- x @Sachingupta)

Lucknow Kanpur Expressway News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए पेचवर्क के एक हिस्से में बरसात का पानी भर जाने के बाद उसे सुखाने के लिए लगाए गए पंखों का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी खर्च पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि जनता के हजारों करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क कुछ ही दिनों में मरम्मत की स्थिति में पहुंच गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और बरसाती पानी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार की तस्वीर पेश करता है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा कि जनता के 4,200 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क दो दिन भी नहीं टिक सकी और अब उसे पंखों से सुखाया जा रहा है। पार्टी ने केंद्र सरकार पर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि हाल ही में उद्घाटन किए गए एक्सप्रेसवे पर इतनी जल्दी मरम्मत की नौबत आना चिंता का विषय है। उनका कहना था कि मरम्मत किए गए हिस्से को सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल करना भी सवाल खड़े करता है। अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि अगर कुछ ही सप्ताह में सड़क की यह स्थिति है, तो उस पर तेज रफ्तार से सफर करना कितना सुरक्षित होगा। उन्होंने एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता और परियोजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पानी सुखाने के लिए लगाए गए पंखों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत के दौरान तकनीकी कारणों से ऐसी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

सरकारी पक्ष का इंतजार

फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या राज्य सरकार की ओर से इन विपक्षी आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि पंखों का इस्तेमाल किस तकनीकी प्रक्रिया के तहत किया गया था और पेचवर्क वाले हिस्से में पानी भरने की वास्तविक वजह क्या थी। विपक्ष के आरोप और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बीच यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित एजेंसियां या सरकार इस पूरे विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देती हैं।

Updated on:
06 Aug 2026 01:23 pm
Published on:
06 Aug 2026 01:23 pm