लखनऊ

Lucknow Kanpur Expressway: यूपी का वो 63 KM का ‘पावर पैच’, जो दिल्ली से नेपाल तक बदल देगा बिजनेस की रफ्तार; आज 3 दिग्गज खोलेंगे रास्ता

Lucknow Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नया आसमान देने के लिए आज देश और प्रदेश के तीन बड़े दिग्गज एक साथ मंच पर आ रहे हैं। 63 किलोमीटर लंबे इस नए सफर के शुरू होने से न सिर्फ दो बड़े महानगरों की दूरी सिमट जाएगी, बल्कि दिल्ली से लेकर नेपाल तक व्यापार की रफ्तार दोगुनी होने वाली है।
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Jul 13, 2026
Lucknow Kanpur Expressway
Lucknow Kanpur Expressway : लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन (फोटो सोर्स: ANI)

Lucknow to Kanpur in 45 Minutes: उत्तर प्रदेश के विकास पथ पर आज एक ऐसा ऐतिहासिक पन्ना जुड़ने जा रहा है, जो राज्य की रफ्तार और कनेक्टिविटी दोनों की परिभाषा बदल देगा। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सोमवार को एक भव्य समारोह में 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने जा रहे हैं। इसे यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिहाज से एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।

इस ऐतिहासिक उद्घाटन के साथ ही, तीनों नेता राज्य को 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात भी देंगे और कुछ नए प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास करेंगे।

गडकरी ने कहा- ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएम योगी बोले- खुलेगा निवेश का द्वार

इस बड़े दिन से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस प्रोजेक्ट को यूपी की कनेक्टिविटी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। वहीं, सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने दूरगामी सोच साझा करते हुए कहा कि जब सड़कें बेहतर होती हैं, तो केवल दूरी ही नहीं घटती, बल्कि विकास की गति भी बुलेट ट्रेन की तरह दौड़ती है। इससे राज्य में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और आम जनजीवन में नई संभावनाओं का संचार होगा।

लखनऊ से कानपुर: अब जाम से मुक्ति, सिर्फ 45 मिनट में सफर

लखनऊ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनता को बधाई देते हुए बताया कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर के बीच का सफर महज 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। अब लोगों को घंटों के थकाऊ जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। उद्घाटन के बाद रक्षा मंत्री किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगे।

सामरिक और आर्थिक रूप से गेम-चेंजर साबित होगा यह रूट

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को नहीं जोड़ रहा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को पड़ोसी राज्यों और देशों से जोड़ने वाली एक मजबूत लाइफलाइन बनेगा:

पश्चिम और मध्य भारत से जुड़ाव: झांसी और आगरा रूट के जरिए यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश, राजस्थान और देश की राजधानी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को एक निर्बाध और तेज रास्ता देगा।

पूर्वांचल और नेपाल तक पहुंच: प्रयागराज-वाराणसी कॉरिडोर के माध्यम से यह मार्ग बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक की कनेक्टिविटी को बेहद सुगम बना देगा।

एयरपोर्ट पहुंचना हुआ आसान: कानपुर से आने वाले यात्रियों को अब लखनऊ एयरपोर्ट और शहर की मुख्य लाइफलाइन शहीद पथ तक पहुंचने के लिए शहर के भीतर ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चूंकि इस समारोह में देश और प्रदेश के तीन सबसे बड़े वीआईपी शिरकत कर रहे हैं, इसलिए एक्सप्रेसवे के एक बड़े हिस्से को कवर करने वाले उन्नाव जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। उन्नाव के पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और रूट डायवर्जन से लेकर सुरक्षा के हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा रही है।

यूपी के विकास से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

इस एक्सप्रेसवे के साथ ही उत्तर प्रदेश पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राज्य भर में 40 करोड़ पौधे लगाने का ऐतिहासिक लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है, जो हरित विकास की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक तरफ जहां एक्सप्रेसवे से विकास की गति तेज हो रही है, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से राज्य के पर्यावरण को भी नया जीवन मिल रहा है।

Updated on:
13 Jul 2026 09:55 am
Published on:
13 Jul 2026 09:47 am