
लखनऊ में नगर निगम के वर्कशॉप के सामने गुरुवार की रात भीषण आग लग गई। यह आग नगर निगम की कबाड़ हो चुकी गाड़ियों में लगी थी। इस घटना में करीब 40 गाड़ियां जल कर खाक हो गईं।
सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू पाया। इस घटना के बाद आपस के क्षेत्रों में धुएं की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आग किन वजह से लगी। ये अभी नहीं पता चल सका है।
जानकारी के मुताबिक लखनऊ के गोमती नगर में नगर निगम का केंद्रीय कार्यशाला है। इस कार्यशाला के सामने सड़क के दूसरी ओर नगर निगम की उन गाड़ियों को रखा गया है, जो कबाड़ घोषित हो चुकी हैं।
रात में इन गाड़ियों के पास आग लग गई। आस पास खड़ी तकरीबन 40 गाड़ियों को चपेट में ले लिया। आग भयावह रूप ले चुकी थी। आसपास के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया।
दस दमकल की गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड ने पहले दमकल की दो गाड़ियां भेजी थी। लेकिन आग इतनी भयानक थी कि आग काबू नहीं हो सकी। ऐसे में फायर ब्रिगेड ने तत्काल छह और दमकल वाहन भेजे। यहां तक कि नगर निगम के भी चार टैंकरों में पानी भर कर मंगाया। करीब दो घंटे तक अभियान चला कर फायर ब्रिगेड ने इस आग काबू किया।
साजिश की आशंका
जिस कबाड़ में गुरुवार रात आग लगी थी, ठीक उसी जगह पर उसी तरीके से दो साल पहले भी आग लगी थी। उस समय 10 कबाड़ की गाड़ियां जल गईं थीं। दो साल के अंदर इस तरह की घटना दोबारा होने से साजिश की आंशका जताई जा रही है।
नगर निगम के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। आशंका है कि इस कबाड़ में पड़े केबल से तार चोरी करने के लिए यह आग लगाई गई है।