लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में 60 वर्षीय कल्लू बाबा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। स्कूटी जलाने की रंजिश में आरोपियों ने चादर से गला घोंटकर हत्या कर शव गड्ढे में फेंक दिया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Lucknow Murder Case Solved: लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज कल्लू बाबा हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। मामूली रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया और आरोपियों ने 60 वर्षीय कल्लू बाबा की चादर से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गड्ढे में फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दुबग्गा थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक गड्ढे में वृद्ध व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी 60 वर्षीय कल्लू बाबा के रूप में हुई। शव की हालत संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और हत्या की आशंका के आधार पर मामला दर्ज किया। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल था। परिवार के लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
मृतक के भाई ने दुबग्गा थाने में तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी श्रीकांत राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कल्लू बाबा को पहले अपने साथ बैठाया और फिर योजनाबद्ध तरीके से चादर से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को गड्ढे में फेंक दिया गया ताकि मामला दुर्घटना या प्राकृतिक मौत जैसा लगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 16 जनवरी 2026 को मुख्य आरोपी अंकित तिवारी की स्कूटी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जला दी गई थी। इस घटना से आरोपी बेहद नाराज था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंकित तिवारी को शक था कि कल्लू बाबा और उनके यहां बैठने वाले कुछ लोगों ने ही उसकी स्कूटी जलवाई है। इसी संदेह ने धीरे-धीरे रंजिश का रूप ले लिया। बदले की भावना में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय सूचना और लगातार पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए, अंकित तिवारी,राहुल रावत,एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस हिरासत में आरोपियों ने हत्या की साजिश और घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि स्कूटी जलाने की घटना के बाद वे लगातार कल्लू बाबा से नाराज थे और मौका मिलने पर बदला लेने की योजना बना रहे थे।
एक दिन मौका मिलते ही आरोपियों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
इस हत्याकांड के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रेस किया। इसके अलावा मोबाइल कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।
पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व थाना प्रभारी श्रीकांत राय ने किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की तत्परता और पेशेवर जांच की सराहना की है। कम समय में हत्या का खुलासा होने से स्थानीय लोगों ने भी राहत महसूस की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद दुबग्गा क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते अपराधियों की गिरफ्तारी से इलाके में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मामूली विवाद और संदेह किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि विवादों का समाधान कानूनी और सामाजिक तरीके से करें, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।