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UGC नियमों के खिलाफ लखनऊ में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर टकराव, पुलिस अलर्ट मोड में

लखनऊ में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में सवर्ण मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन शुरू हुआ। परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक मार्च की कोशिश के दौरान नारेबाजी हुई और पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजधानी में सियासी हलचल तेज हो गई।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 21, 2026

लखनऊ में UGC रेगुलेशन के खिलाफ सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन, परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक मार्च को लेकर तनाव (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

लखनऊ में UGC रेगुलेशन के खिलाफ सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन, परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक मार्च को लेकर तनाव (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Swarn Morcha Protest Erupts in Lucknow Against UGC Regulations: लखनऊ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज का बड़ा आंदोलन शनिवार को शुरू हो गया। सवर्ण मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन ने शहर की सियासत और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को अलर्ट मोड पर ला दिया। परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक पैदल मार्च की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और जोरदार नारेबाजी की गई।

दोपहर करीब 12 बजे प्रदर्शन औपचारिक रूप से शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की घोषणा पहले ही कर दी गई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए।

UGC नियमों के खिलाफ आंदोलन

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी द्वारा लागू किए जा रहे नए रेगुलेशन शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करेंगे। सवर्ण मोर्चा के नेताओं का कहना है कि सरकार को छात्रों और समाज के सभी वर्गों से संवाद कर निर्णय लेना चाहिए। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि “समान अवसर और न्यायपूर्ण शिक्षा नीति” की मांग को लेकर किया जा रहा है।

परिवर्तन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक मार्च

सवर्ण मोर्चा ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि प्रदर्शनकारी परिवर्तन चौराहे से पैदल मार्च करते हुए हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा तक पहुंचेंगे और वहां अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। जैसे ही मार्च आगे बढ़ने लगा, प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए लोग शिक्षा नीति में बदलाव की मांग करते दिखाई दिए। कई युवा, छात्र संगठन, सामाजिक मंच और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि भी इस मार्च में शामिल रहे।

भारी पुलिस बल तैनात

प्रशासन ने संभावित भीड़ और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। परिवर्तन चौराहे, हजरतगंज, गांधी प्रतिमा और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के साथ पीएसी और महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की गई। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश था कि बिना अनुमति के जुलूस को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।

बैरिकेडिंग पर टकराव जैसी स्थिति

मार्च के दौरान जब प्रदर्शनकारी गांधी प्रतिमा की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिससे मौके पर हल्का तनाव पैदा हो गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने से रोक लिया। प्रशासन लगातार प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील करता रहा।

आंदोलन में प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

प्रदर्शन में राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष संदीप सिंह सहित सवर्ण समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने मंच से कहा कि समाज अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाएगा और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था का समर्थन नहीं किया जाएगा।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

लखनऊ पुलिस और जिला प्रशासन पूरे कार्यक्रम के दौरान अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए। ट्रैफिक पुलिस ने हजरतगंज, परिवर्तन चौराहा और आसपास के मार्गों पर डायवर्जन लागू किया, जिससे आम जनता को कम से कम परेशानी हो।

सियासी हलचल तेज

UGC रेगुलेशन को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर इस आंदोलन पर बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दे अक्सर व्यापक सामाजिक बहस को जन्म देते हैं और आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से UGC रेगुलेशन की पुनर्समीक्षा,शिक्षा नीति पर व्यापक संवाद,सभी वर्गों के हितों की सुरक्षा,भर्ती और शैक्षणिक अवसरों में संतुलन जैसी मांगें शामिल हैं।

शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

सवर्ण मोर्चा के संयोजकों ने बार-बार प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध ही सबसे प्रभावी तरीका है। पुलिस प्रशासन ने भी सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए प्रदर्शन को नियंत्रित तरीके से संचालित कराया।