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AI Impact Summit: Youth Congress के विरोध पर भड़कीं मायावती, देश की गरिमा का हनन का लगाया आरोप!

AI इंपेक्ट समिट जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर मायावती ने बड़ी बात की है।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Feb 21, 2026

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बसपा प्रमुख मायावती। फोटो सोर्स-IANS

Mayawati Targeted Youth Congress AI Summit Controversy: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इंपेक्ट समिट में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा की और कहा कि यह बहुत शर्मनाक और निंदनीय है। मायावती ने कहा कि अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो बात अलग थी, लेकिन ऐसे बड़े आयोजन में ऐसा व्यवहार देश की इज्जत को ठेस पहुंचाता है।

युवा कांग्रेस का प्रदर्शन क्या था?

AI इंपेक्ट समिट एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम था, जिसमें देश-विदेश के कई बड़े लोग शामिल थे। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था और दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहा था। इसी दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अर्धनग्न (शर्टलेस) होकर नारे लगाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन देखकर कई लोगों ने इसे गलत बताया, क्योंकि यह एक गंभीर और वैश्विक मंच पर हुआ। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

मायावती ने एक्स पर क्या लिखा?

मायावती ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट', जिसमें देश व विदेश के काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है, जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताए जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निंदनीय है। अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किंतु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिंता की बात है। अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को न बिगाड़ा जाए तो यह उचित होगा।

क्यों चिंता जताई मायावती ने?

मायावती का मुख्य कहना था कि विरोध जताना लोकतंत्र में अधिकार है, लेकिन जगह और तरीका सही होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विदेशी मेहमानों के सामने ऐसा करना देश की छवि खराब करता है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे भारत की गरिमा प्रभावित होती है। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अगर यह सामान्य कार्यक्रम होता तो शायद इतनी सख्त बात न होती, लेकिन वैश्विक मंच पर यह व्यवहार ठीक नहीं है।