
Lucknow DM: योगी सरकार ने गुरुवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2011 बैच के आईएएस अधिकारी विशाख जी. अय्यर को लखनऊ का जिलाधिकारी (DM) नियुक्त किया है। अभी तक विशाख जी. अलीगढ़ के जिलाधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चहेता अफसर माना जाता है। यही कारण है कि उन्हें अब राजधानी जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई है।
विशाख जी. अय्यर का नाम उन अधिकारियों में शुमार है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। उन्हें कानपुर जिलाधिकारी (DM Kanpur) के पद पर दो बार तैनात किया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों की शिकायत पर चुनाव आयोग ने उन्हें कानपुर डीएम पद से हटाकर मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त कर दिया था। हालांकि, चुनाव के बाद उन्हें दोबारा कानपुर का जिलाधिकारी बना दिया गया।
विशाख जी. अय्यर 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और केरल के मूल निवासी हैं। उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की है और प्रशासनिक सेवा में आने के बाद विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वाराणसी और मेरठ में वह मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, हमीरपुर और चित्रकूट जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए।
कानपुर में दो बार जिलाधिकारी रहने के बाद उनका स्थानांतरण अलीगढ़ (Aligarh) किया गया, जहां उन्होंने जिलाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। अब उन्हें लखनऊ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जो उनकी कार्यक्षमता और सरकार के प्रति विश्वास का प्रतीक है।
साल 2019 में विशाख जी. अय्यर ने केरल में आईएएस अपूर्वा दुबे (IAS Apurva Dubey) से शादी की थी। यह शादी उस समय काफी चर्चा में रही, क्योंकि यह दो अलग-अलग राज्यों के आईएएस अधिकारियों का मिलन था।
राजधानी लखनऊ का डीएम बनना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। यह जिला प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। विशाख जी. अय्यर के सामने कानून-व्यवस्था को बनाए रखना, विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और जन समस्याओं का समाधान करना प्रमुख चुनौतियां होंगी। विशाख जी. अय्यर के अब तक के प्रशासनिक अनुभव और कुशल कार्यशैली को देखते हुए लखनऊ का डीएम पद उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उन पर जताया गया यह भरोसा दर्शाता है कि वह बड़ी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने में सक्षम हैं। राजधानी में उनकी तैनाती को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, और सभी की नजरें अब उनके कामकाज पर टिकी हैं।