- यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 में अचानक नया मोड़ - शनिवार सुबह से ही पंचायत चुनाव की अनंतिम आरक्षण सूची हुई जारी - अब पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों के लिए एक बुरी खबर
लखनऊ. यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 में अचानक नया मोड़ आ गया है। शनिवार सुबह से ही पंचायत चुनाव की अनंतिम आरक्षण सूची जारी की जा रही थी। पर अब पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों के लिए एक बुरी खबर है। यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। दिलीप कुमार ने यह याचिका दायर की है। इसमें चार लोगों को प्रतिवादी बनाया है।
योगी सरकार ने पंचायतीराज अधिनियम में 11वां संशोधन करते हुए पंचायतों में आरक्षण के लिए 11 फरवरी 2021 को शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया में वर्ष 1995 को आधार माना गया था। सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने पंचायतीराज अधिनियम में 10वां संशोधन किया था, जिसके मुताबिक वर्ष 2015 को आधार मानकर पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाए। 15 मार्च 2021 को कोर्ट ने 11 फरवरी के शासनादेश को रद्द करते वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण की नई सूची जारी करने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने आरक्षण की संशोधित लिस्ट 27 मार्च जारी करने और 25 मई तक पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिये थे।