लखनऊ पुलिस की ओर से की गई जांच में सामने आया है कि आवेदनकर्ता तन्वी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ गलत जानकारियां दी थीं।
लखनऊ. राजधानी में हिंदु-मुस्लिम कपल का पासपोर्ट मामल उलझता जा रहा है। अब लखनऊ पुलिस की ओर से की गई जांच में सामने आया है कि आवेदनकर्ता तन्वी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ गलत जानकारियां दी थीं। पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि तन्वी ने लखनऊ में ही रहने का दावा किया था, पासपोर्ट ऑफिस को उन्होंने बताया था कि वे अपने पति अनस सिद्दीक़ी के साथ नोएडा में नौकरी करती हैं लेकिन उनका काम ऐसा है कि लखनऊ में घर से रह कर ही हो जाता है। वहीं जब लखनऊ पुलिस ने तन्वी के मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि तन्वी 14 जून से पहले नोएडा में रह रही थी। इस बात की पुष्टी मंगलवार को एसएसपी दीपक कुमार ने भी की।
जानें क्या बोले एसएसपी
तन्वी के पासपोर्ट के मामले में एसएसपी ने कहा कि वह पएक साल से दिए गए एड्रेस पर नहीं रह रहीं थीं। इस मामले में पासपोर्ट ऑफिस को रिपोर्ट भेज दी गई है। एसएसपी का कहना है कि तन्वी नोएडा में रहती हैं और वहीं उनकी जॉब भी है।
पुलिस ने की जांच
लखनऊ पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में जांच में पाया है कि तन्वी का लखनऊ में रहने का दावा झूठा है। उनके पड़ोसियों ने बताया कि वे अपने पति के साथ नोएडा में ही रहती हैं। उनकी बेटी भी उनके साथ ही पढ़ती है। जब पुलिस ने तन्वी सेठ के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि तन्वी 14 जून से पहले नोएडा में रह रहीं थीं। पासपोर्ट बनवाने के लिए वे यहां लखनऊ आईं थी। वहीं तन्वी सेठ का आरोप था कि 20 जून को पासपोर्ट ऑफिस में सीनियर सुपरिटेंडेंट विकास मिश्र से उनकी कहासुनी हुई। मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद अगले ही दिन उन्हें हाथों हाथ पासपोर्ट मिल गया।
कॉल डिटेल से हुआ शक
पुलिस ने जब तन्वी सेठ की कॉल डिटेल्स निकालीं तो पता चला कि वे नोएडा में ही रहती हैं। उन्होंने जब भी फोन किया, मोबाइल टावर नोएडा और दिल्ली के ही मिले। 14 जून से मोबाइल टावर के लोकेशन लखनऊ के बताए जाते हैं। पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद पासपोर्ट विभाग पशोपेश में है। अब तन्वी का पासपोर्ट जब्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। रीजनल पासपोर्ट ऑफिस चाहे तो तन्वी पर कार्रवाई भी हो सकता है। उनके खिलाफ झूठी जानकारी देने का मुकदमा हो सकता है।
गाजियाबाद से करना चाहिए था आवेदन
नियमों के मुताबिक नोएडा में रहने वाली तन्वी सेठ को गाजियाबाद पासपोर्ट ऑफिस में आवेदन करना चाहिए था. उनके नाम को लेकर भी पेंच है. अनस से शादी करने से पहले उन्होंने धर्म बदल लिया था। निकाहनामा में उनका नाम सादिया अनस है लेकिन पासपोर्ट फॉर्म में उन्होंने ये जानकारी दी है कि उन्होंने कभी भी अपना नाम नहीं बदला।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तमाम सवाल उठे। बता दें कि 21 जून को सवेरे 11 बजे तन्वी सेठ और उनके पति अनस सिद्दीकी को हाथों-हाथ बिना पुलिस वेरिफिकेशन के पासपोर्ट देने पर विवाद बढ़ गया तब रीजनल पासपोर्ट अफसर पीयूष वर्मा ने कहा था, “हमारा ये अधिकार है हम किसी को पासपोर्ट दे सकते हैं. पुलिस वेरिफ़िकेशन बाद में भी हो जाता है"। वैसे ये नियम तत्काल कैटेगरी में है लेकिन तन्वी ने जनरल कोटे से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. आज दिल्ली में रीजनल पासपोर्ट अफसरों की सालाना मीटिंग है। इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी मौजूद रहेंगी।