लखनऊ

बारिश से बचते बाइक सवारों का चालान, वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

Lucknow Police : लखनऊ के गौतमपल्ली इलाके में लोहिया पथ पर बारिश से बचने के लिए सड़क किनारे खड़े बाइक सवारों का पुलिस द्वारा चालान काटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के बाद पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं और लोग नियमों के साथ मानवीय दृष्टिकोण की मांग कर रहे हैं।

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Feb 04, 2026
बारिश से बचने खड़े बाइक सवारों का चालान (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Lucknow Police Under Fire After Viral Video : लखनऊ के गौतमपल्ली क्षेत्र स्थित लोहिया पथ से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो सामने आया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ बाइक सवार युवक सड़क किनारे बारिश से बचने के लिए खड़े दिखाई दे रहे हैं, तभी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उनका चालान काटते नजर आते हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

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बारिश से बचना बना ‘उल्लंघन’

बताया जा रहा है कि अचानक शुरू हुई तेज बारिश के दौरान कई दोपहिया वाहन चालक लोहिया पथ के किनारे रुक गए थे। उनका कहना था कि वे न तो यातायात बाधित कर रहे थे और न ही किसी प्रकार का अवैध कार्य कर रहे थे, बल्कि केवल बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और कथित रूप से मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई शुरू कर दी।

वीडियो ने बढ़ाया विवाद

घटना का वीडियो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में कुछ लोग पुलिसकर्मियों से निवेदन करते सुनाई दे रहे हैं कि वे केवल बारिश से बचने के लिए खड़े हैं, लेकिन पुलिसकर्मी नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई करते दिखाई देते हैं। यह वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस का उद्देश्य यातायात व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन मानवीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। एक राहगीर ने बताया कि तेज बारिश में लोग खुद को और अपने वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए किनारे खड़े थे। ऐसे में चालान काटना सही नहीं लगता।”

नियम बनाम मानवीय दृष्टिकोण

ट्रैफिक नियमों के तहत सड़क पर अनधिकृत तरीके से वाहन खड़ा करना उल्लंघन माना जा सकता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आपात परिस्थितियों में विवेक का इस्तेमाल भी जरूरी है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वाहन यातायात में बाधा नहीं डाल रहे थे, तो चेतावनी देकर भी स्थिति संभाली जा सकती थी।

क्या कहता है मोटर वाहन अधिनियम

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, सड़क पर अवैध पार्किंग दंडनीय है। ट्रैफिक फ्लो बाधित करना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन अधिनियम में प्रवर्तन अधिकारियों को परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार भी दिया गया है।

पुलिस का संभावित पक्ष

हालांकि इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक अनुशासन के तहत कार्रवाई की होगी। अक्सर वीआईपी मार्गों और व्यस्त सड़कों पर वाहनों को रोकना सुरक्षा दृष्टि से भी संवेदनशील माना जाता है।

सोशल मीडिया पर बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे “नियमों का सख्त पालन” बताया, तो कई ने इसे “संवेदनहीनता” करार दिया। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन से जवाबदेही की मांग की जा रही है।  मानना है कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने का कार्य नहीं है, बल्कि सामाजिक विश्वास बनाए रखने की प्रक्रिया भी है। छोटी घटनाएं भी यदि संवेदनशीलता से संभाली जाएं, तो जनता और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत होता है।

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