- यूपी चुनाव करीब आने के साथ बयानबाजी तेज हो गई है। चाहे पक्ष व या फिर विपक्ष सभी एक दूसरे पर तंज कस रहे हैं। प्रियंका गांधी के एक बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने चुटकी लेते हुए कहाकि, घर पर लड़का है, पर लड़ नहीं सकता। इसके साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव को भी आइना दिखाया।
Uttar Pradesh Assembly elections 2022 लखनऊ. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर कटाक्ष, राहुल गांधी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की चुटकी लेते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रियंका गांधी के एक नारे ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ पर कहाकि, ‘घर पर लड़का है, पर लड़ नहीं सकता।’ स्मृति ईरानी ने कहाकि, उत्तर प्रदेश में चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहाकि, कांग्रेस यूपी विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी, तो इस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि, मतलब साफ है कि घर पर लड़का है पर लड़ नहीं सकता।
प्रियंका गांधी पर पलटवार :- स्मृति ईरानी ने महिला उम्मीदवारों को 40 फीसदी टिकट देने के प्रियंका गांधी के प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए कहा, इसका अर्थ है कि वह कह रही हैं कि वह महिलाओं को 60 प्रतिशत टिकट नहीं देना चाहतीं।
राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का निशाना :- राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए स्मृति ईरानी का कहना है कि, क्या लोगों में उस व्यक्ति को लेकर भी यह भावना है?' महिला नेताओं से यह अपेक्षा नहीं करनी चाहिए कि वे केवल समाज की महिला सदस्यों के लिए ही काम करेंगी। जब हम महिला नेताओं के बारे में बात करते हैं तो हम क्यों कहते हैं कि महिला नेताओं को केवल महिलाओं के लिए काम करना चाहिए, हम पुरुषों के लिए भी ऐसा क्यों नहीं कहते?
फॉर्मूले के कारण वोट देगी जनता :- क्या भाजपा ध्रुवीकरण के फार्मूले पर काम करती है, स्मृति ईरानी ने तपाक से कहाकि, क्या आपको लगता है कि इस देश के नागरिक राजनीतिक विश्लेषण नहीं कर सकते और वह किसी फॉर्मूले के कारण वोट देंगे?
सरदार पटेल अतुलनीय :- सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के जिन्ना के बयान से पर स्मृति ईरानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह तुलना फिर से दिखाती है कि 'लड़के हैं, लड़ नहीं सकते।' सरदार पटेल अतुलनीय हैं।
एक ने देश को तोड़ा एक ने जोड़ा :- अखिलेश यादव को आइना दिखते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, क्या आप उस व्यक्ति की तुलना जिन्ना से कर सकते हैं, जिन्होंने कहा था कि चलिए, धर्म के आधार पर हम देश को विभाजित करते हैं। एक ने देश को एकजुट करने की दिशा में काम किया जबकि दूसरे ने इसे तोड़ने की दिशा में काम किया।