
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय में ए़डमिशन लेने वाले गरीब तबके के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने वाले सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों को अब फीस के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट वेलफेयर फंड योजना लेकर आ रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को 15 हजार रुपये मिलेंगे। साथ ही उन्हें जॉब कर पैसा कमाने का मौका भी मिलेगा।
पैसा कमाने का मिलेगा अवसर
छात्र कल्याण वेलफेयर फंड योजना के तहत 60 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों को विवि की ओर से 15 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा कर्म योगी योजना के तहत विवि में जॉब कर पैसा कमाने का अवसर भी मिलेगा। इन योजनाओं के लिए एलयू प्रशासन जल्द ही आवेदन पत्र निकालने जा रहा है। ये योजनाएं एलयू के प्रत्येक विभाग के स्टूडेंट्स के लिए शुरू की जाएंगी।
साल में 50 दिन करना होगा काम
एलयू में शुरू होने वाली कर्मयोगी योजना को मंजूरी मिल गई है। एलयू ने नियम बनाया है कि एक छात्र को दिन में दो घंटे और साल में 50 दिन काम करना होगा। एलयू प्रशासन की ओर से प्रति घंटा 150 रुपये स्टूडेंट्स को दिया जाएगा।
बढ़ाई गई न्यूनतम आय सीमा
इस योजना में अब तक उन स्टूडेंट्स को सहायता मिलती थी जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख से कम है, लेकिन इस पॉलिसी में भी बदलाव किया गया है। परिवार की वार्षिक आय को बढ़ाकर तीन लाख कर दिया गया है। बदलाव से पहले स्टूडेंट को पूरी पढ़ाई के दौरान सिर्फ एक बार पांच हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है।
मेरिट के आधार पर मिलेगी स्कॉलरशिप
डीएसडब्लयू प्रफेसर पूनम टंडन ने कहा कि जो भी स्टूडेंट इस छात्रवत्ति का फॉर्म प्रथम वर्ष में भरेगा उसको उसके रिजल्ट के आधार पर 60 प्रतिशत अंक आने पर आगे की पढ़ाई के लिए भी 15 हजार रुपये स्कॉलरशिप दी जाएगी। स्कॉलरशिप केवल एक बार मिलेगी। हालांकि, इसके लिए स्टूडेंट का आर्थिक बैकराउंड देखा जाएगा और मेरिट (पहले साल में 60 प्रतिशत अंक लाने पर) पर दी जाएगी।