उत्तर प्रदेश में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक अप्रैल-2019 से पहले खरीदे गए और आरटीओ में पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगेगी। दोपहिया व चौपहिया वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए अपनी जेब से पैसा देना होगा।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक अप्रैल-2019 से पहले खरीदे गए और आरटीओ में पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगेगी। दोपहिया व चौपहिया वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए अपनी जेब से पैसा देना होगा।
उत्तर प्रदेश में करीब 3.27 करोड़ पुराने वाहन हैं। इनमें 2.65 करोड़ दोपहिया और 62 लाख चौपहिया वाहन शामिल हैं। जिनमें से 23.40 लाख सिर्फ लखनऊ के हैं। लखनऊ के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संजीव कुमार गुप्ता के अनुसार नंबर प्लेट की कीमत प्लेट निर्माता एवं वाहन कंपनी डीलर ने आपसी सहमति से तय की है। अब वाहन मालिकों को वाहन कंपनी के मुताबिक नंबर प्लेट की कीमत चुकानी पड़ेगी। परिवहन मंत्रालय के निर्देशों पर दोपहिया वाहन की नंबर प्लेट 354 से 500 रुपए और चौपहिया की 650 से 1000 रुपए में तय की गई हैं। यह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट 31 मार्च 2019 तक आरटीओ में पंजीकृत वाहनों पर लगेगी।
पुराने वाहन पर किसी भी शहर में नई नंबर प्लेट लगवा सकते हैं। लखनऊ में खरीदे गए वाहन देश के किसी भी राज्य के शहर में वाहन कंपनी के डीलर से नंबर प्लेट लगवा सकते हैं
ऐसे कराएं ऑनलाइन बुकिंग :-
पोर्टल bookmayhsrp.com पर लॉगइन करें।
वाहनों का पेज डिस्प्ले होगा।
दो पहिया व चौपहिया में से एक सेलेक्ट करना होगा।
उसके बाद राज्य व शहर को चुनना होगा।
फिर शहर में वाहन कंपनी के करीबी डीलर को चुनें।
फिर वाहन की चेसिस व पंजीयन नंबर से लेकर खुद का मोबाइल नंबर फीड करें।
बाद में आरसी एवं आईडी को अपलोड करेंगे तोे आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगी।
जिसके जरिए नंबर प्लेट लगवाने का टाइम स्लॉट चुनें।
डिस्पले कीमत का ऑनलाइन भुगतान करें।
प्रक्रिया पूरी होने पर नंबर प्लेट लगवाने का समय आ जाएगा।
किसी वजह से यदि तय समय पर वाहन मालिक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने नहीं पहुंच पाते हैं तो भुगतान आईडी के जरिए दोबारा समय बुक कर सकते हैं। उन्हें शुल्क नहीं जमा करना होगा।
परिवहन विभाग एडिशनल कमिश्नर (रेवेन्यू) अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के निर्माता व वाहन कंपनियों के डीलर नंबर प्लेट की कीमत को तय कर रहे हैं। कई कंपनियों ने रेट तय भी कर दिए हैं, इसके लिए केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने निर्माता व डीलर को अधिकृत किया है।