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महिला आरक्षण बिल गिरने पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- भारत माता के सम्मान पर चोट

महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन किया, जबकि 352 वोट जरूरी थे।
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लखनऊ

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Anuj Singh

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Updated: 18 Apr 2026, 7:25 AM IST

सीएम योगी आदित्यनाथ, PC- IANS

Women's Reservation Bill 2026 Fail: महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इस बिल में संसद की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में इस बिल पर 21 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई। इसके बाद वोटिंग हुई। सदन में उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। इनमें पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। 528 सांसदों का दो तिहाई यानी 352 वोट चाहिए थे। लेकिन बिल को सिर्फ 298 वोट मिले। इस तरह बिल 54 वोट से कम पड़ गया और गिर गया।

योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया

महिला आरक्षण बिल गिरने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्सपर लिखा कि आज भारत के महान लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है। योगी ने कहा कि विपक्ष द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को पास न होने देना ‘भारत माता’ के सम्मान पर आघात है। यह देश की समूची मातृशक्ति के साथ धोखा है और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हरण है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन पर नारी विरोधी मानसिकता दिखाने का आरोप लगाया। योगी जी ने लिखा कि देश की नारी शक्ति सब कुछ देख और समझ रही है। वह इस छल और अन्याय को याद रखेगी और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में निरंतर प्रयास

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों की रक्षा तथा उनके सशक्तीकरण के लिए एनडीए गठबंधन के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। बता दें महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद पूरे देश में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इसे देश की जीत बता रहा है। वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष पर हमलावर है और इसे नारी शक्ति का अपमान करार दे रहा है। यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। राजनीतिक गलियारों में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। दोनों पक्ष अपनी बात को मजबूती से रख रहे हैं।

सरकार का कहना है कि बिल महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के लिए लाया गया था। लेकिन विपक्ष ने इसे परिसीमन और सीट बढ़ाने से जोड़कर विरोध किया। अब देखना होगा कि आगे इस मुद्दे पर क्या राजनीतिक घटनाक्रम होते हैं। महिला आरक्षण से जुड़े इस संशोधन बिल के गिरने ने संसद में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस को और बढ़ा दिया है।