
लुलु मॉल पर बढ़ते विवाद में अब अयोध्या में हनुमानगढ़ी के मुख्यपुजारी राजूदास ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि, ऐसा क्या है लुलु मॉल के प्रबंधन में कि, 80 प्रतिशत मुस्लिम लड़कों के साथ 20 प्रतिशत हिन्दू लड़कियों को नौकरी पर रखा गया है। ऐसे में ये बड़ा लब जिहाद का अड्डा बनता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होने चेतावनी भरे अंदाज़ में बोलते हुए कहा कि, 'यदि लुलु मॉल में या ऐसी किसी भी सार्वजनिक जगह पर नमाज को नहीं रोका गया, तो हमें भी वहाँ पर आकर हनुमान चालीसा पाठ करना होगा।
सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलो पर नमाज पर रोक
हनुमंगढ़ी के पुजारी राजुदास का कहना है कि, कानूनी तौर पर भी किसी भी सार्वजनिक स्थल पर नमाज अदा नहीं किया जा सकता है, खासतौर पर उत्तर प्रदेश में सड़कों या बाहर किसी भी स्थान पर रूक लगाने का आदेश खुद योगी की सरकार भी कई बार कर चुकी है। फिर यहाँ किसकी इजाजत से और कैसे नमाज पढ़ी जा रही है। ये एक बड़ा सवाल है। इसके पहले भी योगी की सरकार बनते ही सड़कों पर होने वाली नमाज पर रोक लगा दी गई थी।
किस मुस्लिम का और किन किन मुस्लिम देशों का पैसा लगा?
राजुदास ने कहा कि, लुलु मॉल में किस मुस्लिम का पैसा लगा है, कौन सा विदेशी मुसलमान इसका मालिक है सब जानते हैं, कौन कौन से मुस्लिम देश इसे पैसे दे रहे हैं, ये छुपा नहीं है। ऐसे में इसे लव जिहाद और कट्टरता का अड्डा बनने से रोकना होगा।
Hindu Mahasabha on lulu Mall
अखिल भारत हिंदू महासभा ने मॉल में सुंदरकांड पढ़ने की चेतावनी दी है. महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि अगर मॉल में दोबारा नमाज पढ़ी जाएगी, तो विवश होकर मॉल में सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। उन्होंने लुलु मॉल को लव जिहाद का नया अड्डा बताया।
Namaj in lulu Mall
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बनाया गया लुलु मॉल का उदघाटन खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, जिसमें चीफ़ सेक्रेटरी समेत कई बड़े मंत्री और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए थे। लेकिन बुधवार को ही इस मॉल में मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ। जिसके बाद से ही अब हिन्दू संगठन इसमें हनुमान चालीसा पढ़ने पर अड़े हुए हैं। वहीं लुलु मॉल के आसपास पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से टाला जा सके।