लखनऊ

Mahakumbh में होगा सितारों का संगम,शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम और श्रेया घोषाल बिखेरेंगे अपना जलवा

Mahakumbh 2025 में श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ सांस्कृतिक आनंद भी मिलेगा। शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम, श्रेया घोषाल और जुबिन नौटियाल जैसे बड़े कलाकार गंगा पंडाल में अपने सुरों का जलवा बिखेरेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग और भारत सरकार के सहयोग से होगा।
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Dec 03, 2024
महाकुंभ 2025 में होगा सुरों का संगम
महाकुंभ 2025 में होगा सुरों का संगम

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 में इस बार सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सुरों का भव्य संगम भी होगा। श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने के साथ ही शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम, और श्रेया घोषाल जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा।

गंगा पंडाल बनेगा सांस्कृतिक संगम का केंद्र
महाकुंभ 2025 में गंगा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। यहां 10 जनवरी से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू होगा। इस दौरान शंकर महादेवन, मालिनी अवस्थी, कैलाश खेर, और सोनू निगम जैसे लोकप्रिय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से आध्यात्मिकता और मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेंगे।

प्रस्तुतियों का शेड्यूल जारी
कार्यक्रम की शुरुआत 10 जनवरी को शंकर महादेवन के संगीत से होगी, जो अपनी भक्तिमय रचनाओं से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इसके बाद 11 जनवरी को मालिनी अवस्थी अपनी लोकसंगीत प्रस्तुति से श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी। इसी क्रम में 18 जनवरी को कैलाश खेर और 19 जनवरी को सोनू निगम अपनी जादुई आवाज का जलवा बिखेरेंगे।

विशेष आकर्षण: जुबिन नौटियाल और श्रेया घोषाल
8 फरवरी को जुबिन नौटियाल और 24 फरवरी को श्रेया घोषाल अपनी प्रस्तुतियों से महाकुंभ को और भी खास बनाएंगे। इन कलाकारों की प्रस्तुतियां गंगा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का केंद्र बना देंगी।

लोक गायकों का भी रहेगा योगदान
फेमस लोक गायिका मैथिली ठाकुर 20 जनवरी को और कविता पौडवाल 31 जनवरी को अपनी प्रस्तुति देंगी। इनके साथ ही हंसराज रघुवंशी और रसिका शेखर भी श्रद्धालुओं को अपनी विशेष प्रस्तुतियों से मनोरंजित करेंगे।

आयोजन का उद्देश्य
डिप्टी सीएम ने बताया कि इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य महाकुंभ को एक संपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव बनाना है। यह श्रद्धालुओं को संगीत के माध्यम से आध्यात्मिकता की गहराई से जोड़ने का एक प्रयास है।

सरकार की ओर से विशेष प्रयास
उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कलाकारों के चयन से लेकर प्रस्तुति स्थल तक, हर पहलू को भव्य और विशेष बनाने की योजना है।

Updated on:
03 Dec 2024 06:04 pm
Published on:
03 Dec 2024 06:03 pm
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