प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 84वीं कड़ी में यूपी सरकार की तरफ से आयोजित मेगा ड्रोन शो की जमकर प्रशंसा की। इसके साथ ही यूपी के देवरिया जिले के कनौहली गांव के रहने वाले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की याद करते हुए उनकी एक चिट्ठी का जिक्र किया। वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह तमिलनाडु हेलीकॉप्टर हादसे गंभीर रुप से घायल हो गए थे। और उनका बेंगलुरु के एक अस्पताल में देहांत हो गया है।
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 84वीं कड़ी में यूपी सरकार की तरफ से आयोजित मेगा ड्रोन शो की जमकर प्रशंसा की। 20 दिसम्बर को आजादी के अमृत महोत्सव पर राजधानी लखनऊ की रेसीडेंसी आयोजित मेगा ड्रोन शो ने लोगों को दिल जीत लिया। इस में आजादी से जुड़े नायकों और आजादी में यूपी के दिए योगदान को ड्रोन शो के जरिए पेश किया गया। इसके साथ ही यूपी के देवरिया जिले के कनौहली गांव के रहने वाले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की याद करते हुए उनकी एक चिट्ठी का जिक्र किया। वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह तमिलनाडु हेलीकॉप्टर हादसे गंभीर रुप से घायल हो गए थे। और उनका बेंगलुरु के एक अस्पताल में देहांत हो गया है।
मन की बात की 84वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, लखनऊ की रेसीडेंसी में ड्रोन शो का आयोजन किया गया। 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम की गवाही, रेसीडेंसी की दीवारों पर आज भी नजर आती है। रेसीडेंसी में हुए ड्रोन शो में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अलग-अलग पहलुओं को जीवंत बनाया गया। चाहे ‘चौरी चौरा आन्दोलन’ हो, ‘काकोरी ट्रेन’ की घटना हो या फिर नेताजी सुभाष का अदम्य साहस और पराक्रम, इस ड्रोन शो ने सबका दिल जीत लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहाकि, आप भी इसी तरह अपने शहरों के, गांवों के, आजादी के आन्दोलन से जुड़े अनूठे पहलुओं को लोगों के सामने ला सकते हैं। इसमें तकनीक की भी खूब मदद ले सकते हैं। आजादी का अमृत महोत्सव, हमें आजादी की जंग की स्मृतियों को जीने का अवसर देता है, उसको अनुभव करने का अवसर देता है। ये देश के लिए नए संकल्प लेने का, कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति दिखाने का, प्रेरक उत्सव है, प्रेरक अवसर है। आइए, स्वतंत्रता संग्राम की महान विभूतियों से प्रेरित होते रहें, देश के लिए अपने प्रयास और मजबूत करते रहें।
लखनऊ रेज़िडेन्सी में हुआ ड्रोन शो -
यूपी सरकार ने 'आजादी का अमृत महोत्सव' तहत लखनऊ रेज़िडेन्सी में 20 दिसम्बर को देश के सबसे बड़े ड्रोन शो का आयोजन किया था। इसमें रुस से 500 ड्रोन मंगाये गये थे। कार्यक्रम की सफलता के लिए रुस से ड्रोन इंजीनियरों की विशेष टीम लखनऊ में आई थी। ड्रोन शो के जरिए भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 से लेकर 1947 तक की गाथा को आसमान में 500 ड्रोन के माध्यम से पेश किया जाएगा। इसमें संगीत, लेजर लाइट, कलाबाजियों खेल हुआ।
पहली बार हुआ ड्रोन शो -
अब तक देश में 250 ड्रोन शो हो चुके हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब 500 ड्रोन का यूज एक साथ किया गया है। इससे पहले 2020 में मुम्बई में 250 ड्रोन का और प्रयागराज कुम्भ में 100 ड्रोन से का प्रदर्शन किया गया था।
वरुण सिंह अंत में शहीद हो गए -
तमिलनाडु विमान हादसे में शहीद कैप्टन वरुण सिंह को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन वरुण सिंह की उस चिट्ठी का जिक्र किया, जो उन्होंने बच्चों के लिए लिखी थी। पीएम मोदी ने कहा, देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कई वीरों को खो दिया। वरुण सिंह भी मौत से कई दिन तक जांबाजी से लड़े, लेकिन फिर वो भी हमें छोड़कर चले गए।
वरुण ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को लिखी एक चिट्ठी -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, वरुण जब अस्पताल में थे, उस समय मैंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा देखा, जो मेरे ह्रदय को छू गया। इस साल अगस्त में ही उन्हें शौर्य चक्र दिया गया था। इस सम्मान के बाद उन्होंने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी को पढ़कर मेरे मन में पहला विचार यही आया कि सफलता के शीर्ष पर पहुंच कर भी वे जड़ों को सींचना नहीं भूले।
वरुण सिंह ने आने वाली पीढ़ियों की चिंता की -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहाकि, दूसरा– जब उनके पास उत्सव करने का समय था, तो उन्होंने आने वाली पीढ़ियों की चिंता की। वो चाहते थे कि जिस स्कूल में वो पढ़े, वहां के विद्यार्थियों की जिंदगी भी एक उत्सव बने। अपने पत्र में वरुण सिंह जी ने अपने पराक्रम का बखान नहीं किया बल्कि अपनी असफलताओं की बात की। कैसे उन्होंने अपनी कमियों को काबिलियत में बदला, इसकी बात की।
वरुण सिंह ने पूरे देश को प्रेरित किया -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि, साथियों, औसत से असाधारण बनने का उन्होंने जो मंत्र दिया है, वो भी उतना ही महत्वपूर्ण है, इसी पत्र में वरुण सिंह ने लिखा था कि अगर वो एक भी छात्र को प्रेरणा दे सके, तो ये भी बहुत होगा। लेकिन, आज मैं कहना चाहूंगा- उन्होंने पूरे देश को प्रेरित किया है. उनकी चिट्ठी भले ही केवल छात्रों से बात करती हो, लेकिन उन्होंने हमारे पूरे समाज को सन्देश दिया है।’