लखनऊ

एक हजार की आबादी पर एक भी डॉक्टर नहीं? माता प्रसाद बोले – बंद हो रेफर करने की प्रवृत्ति

Mata Prasad Pandey statement UP Assembly : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में कहा कि एक हजार की आबादी पर केवल 0.37 डॉक्टर उपलब्ध हैं। मानक एक हजार व्यक्ति पर एक डॉक्टर का है।
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Feb 20, 2026
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नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय साधा सरकार पर निशाना, PC- IANS

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी स्कूलों की मनमानी फीस का मुद्दा उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। उनके बयान पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने प्रारंभिक आपत्ति जताई, हालांकि बाद में कर्ज के आंकड़े को स्वीकार किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार बड़े दावे कर रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि राज्य पर 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है। प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपए होने के सरकारी दावे पर उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय औसत का लगभग 53 प्रतिशत है, ऐसे में “इतना ढिंढोरा पीटने की जरूरत क्या है?”

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक हजार की आबादी पर केवल 0.37 डॉक्टर उपलब्ध हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानक एक डॉक्टर प्रति हजार है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों तक में मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है, जिससे मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहता है।

माता प्रसाद ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग जीवन-मरण से जुड़ा विषय है, इसलिए यहां संविदा कर्मियों की नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। “रेफर की नीति बंद होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की ओर इशारा करते हुए उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “मैं आपको नहीं दौड़ाऊंगा, लेकिन इन मुद्दों पर ध्यान दीजिए। इस पर सदन में ठहाके लगे।

माता प्रसाद ने निजी स्कूलों और कॉलेजों की फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए कानून लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों को मनमानी की खुली छूट नहीं मिलनी चाहिए। गलगोटिया विश्वविद्यालय के हालिया विवाद पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि “बहुत फीस लेते हैं, आजकल अपना कुत्ता खोज रहे हैं और कह रहे हैं कि हमने बनाया है। इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पूरा सदन हंस पड़ा।

दरअसल, दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित एक रोबोट के ‘मेड इन चाइना’ होने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हुआ था।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक समय इलाहाबाद विश्वविद्यालय अधिकारी बनाने का केंद्र माना जाता था, लेकिन अब उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक स्तर सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने गंगा नदी की स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गंगा मैया आज गंदगी से बिलख रही हैं और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।

Updated on:
20 Feb 2026 07:53 pm
Published on:
20 Feb 2026 07:53 pm