
लखनऊ. चुनावी रैलियों के बीच बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पीएम मोदी के अति पिछड़े वाले बयान का जवाब दिया है। देर शाम लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित अपने आवास में उन्होंने प्रेस कॉंफ्रेंस बुलाई और सीधा पीएम मोदी पर हमला बोला। आपको बता दें कि कन्नौज में एक जनसभा में पीएम मोदी ने सपा-बसपा पर हमला करते हुए कहा था कि लोग मेरी जाति को लेकर प्रमाण पत्र बांट रहे हैं, लेकिन मैं बता दूं कि मेरी जाति अति पिछड़ी जाति है और इनती छोटी है कि गांव में एक-दो ही घर हमारी जाति के होते हैं।
पीएम मोदी पर किया हमला-
मायावती ने अपने बयान में कहा कि पीएम मोदी गुजरात में अगड़ी जाति के थे, अब वो खुद को अति पिछड़ी जाति का बता रहे हैं। यह सिर्फ राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं। वोट के लिए खुद को पिछड़ी जाति का बता रहे हैं। मोदी अपर कास्ट के हैं। कन्नौज में मोदी ने जो आरोप लगाया है वह निराधार है। तथ्य से परे हैं। हमने कभी भी पीएम का अनादर नहीं किया। वहीं इस पीसी के बाद मोदी अपने पिछड़ा कार्ड खेलने का काम शायद बंद कर दें, मोदी के लिए यह उल्टा पड़ सकता है। वहीं उन्होंन भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने 5 वर्षों में 1/4 हिस्से का कार्य भी पूरा नहीं किया। पीएम मोदी चुनावी लाभ के लिए ओबीसी बन गए हैं। कांग्रेस-भाजपा को दलित कार्ड खेलने का लाभ नहीं मिलेगा। इनकी पार्टी कभी भी दलितों की हितैषी नहीं हो सकती। भाजपा सत्ता में आने वाली नहीं है। अच्छे दिन जाने वाले और बुरे दिन आने वाले हैं।
यूपी में गठबंधन की जीत सुनिश्चित-
उन्होंने आगे कहा कि यूपी में गठबंधन की जीत सुनिश्चित है। इसे कोई नहीं रोक सकता। यह चरण भी गठबंधन के लिए बहुच अच्छा रहेगा। वोट देने के मामलें में जनता सजग हो गई है। वह जानती है कि भाजपा ने पांच वर्षों में कोई वायदा पूरा नहीं किया। जनता को कुछ नहीं मिला है। इसका आंकलन जनता कर रहै। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा को पूरे देश में समर्थन नहीं मिल रही है और यूपी में तो हालत खराब। भाजपा हर हथकंडे इस्तेमाल कर रही है, फेल होने पर नए-नए हथकंडे ला रही है।
इसलिए दिया था इस्तीफा-
मायावती ने कहा कि दलितों को उत्पीड़न हुआ है। और संसद में उनके लिए मैनें आवाज उठाई, लेकिन किसी ने बोलने नहीं दिया। इसलिए मैनें राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। जनता की आवज न उठा सकी तो इस्तीफा दे दिया।