लखनऊ

Mayawati News: 2007 का फॉर्मूला फिर दोहराएंगी मायावती? दलित वोट के साथ ब्राह्मणों पर नजर, बसपा ने 2027 के लिए साफ किया अपना प्लान

Mayawati on Brahmin Samaj: मायावती ने ब्राह्मण समाज समेत सर्वसमाज से बसपा से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति बताते हुए 2007 की तरह सम्मान और भागीदारी का भरोसा दिया।
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Aug 14, 2026
Mayawati Latest Statement BSP News Mayawati on Brahmin Samaj
बसपा प्रमुख मायावती (photo- x@Avanish79054119)

Mayawati Brahmin Samaj Statement: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने ब्राह्मण समाज समेत सभी वर्गों से पार्टी के साथ जुड़े रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बसपा किसी एक जाति या वर्ग की पार्टी नहीं है, बल्कि उसकी राजनीति ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित है। मायावती ने यह भी कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पुराने अनुभवी नेताओं के साथ नए और युवा कार्यकर्ताओं को भी तैयार किया जा रहा है।

‘बसपा किसी एक वर्ग की पार्टी नहीं’

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि बसपा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग के हित और कल्याण के लिए काम करना है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में नेताओं से ज्यादा ऐसे कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो आंदोलन और विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि यह संगठनात्मक परंपरा पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने शुरू की थी। उनके मुताबिक, बसपा में तन, मन और धन से समर्पित अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी।

ब्राह्मण समाज से की खास अपील

बसपा प्रमुख ने ब्राह्मण समाज को लेकर कहा कि जो लोग अभी भी पार्टी से जुड़े हुए हैं, उन्हें मजबूती के साथ संगठन का हिस्सा बने रहना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनावी तैयारियों और उम्मीदवारों के चयन में ब्राह्मण समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मायावती ने वर्ष 2007 का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार ने ब्राह्मण समाज समेत सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान दिया था। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आगे भी इसी तरह सर्वसमाज की भागीदारी वाली राजनीति पर जोर देगी।

चुनावी नुकसान के लिए नेताओं को बताया जिम्मेदार

मायावती ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बसपा के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देते रहे। कुछ लोग पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में चले गए, जबकि कुछ ने अपने निजी स्वार्थ के लिए सत्ताधारी दल का रुख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के रवैये का असर उनके समाज के बीच भी दिखाई पड़ा और वे अपने-अपने समुदाय को बसपा से प्रभावी तरीके से नहीं जोड़ सके। मायावती के मुताबिक, इसका नुकसान पार्टी को चुनावों में उठाना पड़ा।

नए और युवा कार्यकर्ताओं पर फोकस

बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने पर काम कर रही है। पुराने और अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में ईमानदार और सक्रिय कार्यकर्ताओं, खासकर युवाओं को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा और संविधान आधारित संघर्ष को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मायावती ने उम्मीद जताई कि नए और पुराने कार्यकर्ता मिलकर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे।

सपा पर भी साधा निशाना

मायावती ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने और इस वर्ग के लोगों को चुनाव में प्रतिनिधित्व मिलने से सपा परेशान है। उन्होंने कहा कि बसपा का लक्ष्य किसी एक समुदाय को साथ लेकर चलना नहीं, बल्कि सर्वसमाज को संगठन से जोड़ना है। मायावती ने दलित समाज से भी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

Updated on:
14 Aug 2026 05:11 pm
Published on:
14 Aug 2026 05:10 pm