मायावती पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की टिप्पणी का मामला अभी थमा भी नहीं था कि इलाहाबाद के सुभाष नगर चौराहे पर लगे एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर को एक छात्र नेता ने लगवाया है।
मायावती पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की टिप्पणी का मामला अभी थमा भी नहीं था कि इलाहाबाद के सुभाष नगर चौराहे पर लगे एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर को एक छात्र नेता ने लगवाया है। पोस्टर में मायावती को सूर्पणखा और दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति को दुर्गा बताया गया। पोस्टर में यूपी भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्य को राम और दयाशंकर को लक्ष्मण के रूप में दिखाया गया है।
बता दें कि दयाशंकर सिंह की ओर से मायावती पर टिप्पणी करने के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने दयाशंकर की पत्नी, बहन और बेटी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। उन टिप्पणियों को इन पोस्टर से जोड़कर देखा जा रहा है।
मायावती को भी जेल भेजना चाहिए
पोस्टर जारी करने वाले छात्र नेता अनुराग शुक्ला ने कहा कि दयाशंकर ने बिजनेस करनी वाली शब्द का प्रयोग किया। रुपए लेकर टिकट दे रही है। अगर इतनी सी बात को लेकर बसपा कार्यकर्ता गंदी गालियां दे रहे हैं। भाजपा ने दयाशंकर को पार्टी से निष्कासित कर दिया और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई। उन्हें जेल भेजने की भी मांग की जा रही है तो बसपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मायावती को भी जेल भेजना चाहिए।
यह है मामला
भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मायावती पर टिकट बेचान करने और उसमें मोलभाव करने का आरोप लगाते हुए वैश्या का उदाहरण दिया था। उन्हें कहा कि मायावती जिस तरह से मोलभाव कर रही हैं, उस तरह से तो वेश्या भी नहीं करती। इस बयान के बाद देश के कई राज्यों में बवाल मच गया था। बसपाइयों ने लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान बैनरों पर दयाशंकर, उनकी बहन और बेटी के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी थीं। इसके जवाब में स्वाती सिंह ने बसपा कार्यकर्ताओं पर जमकर निशाना साधा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस दौरान मायावती और दयाशंकर की पत्नी के बीच बयानबाजी हुई। मायावती ने गाली के विरोध में गाली देने पर अपने वर्कर्स का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ऐसा दयाशंकर को अहसास दिलाने के लिए कहा गया।