लखनऊ

GEN-Z आंदोलन को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने राजनीतिक दलों पर साधा निशाना, कहा-आंदोलन के ‘हाईजैक’ होने से उठ रहे सवाल

Mayawati Gen Z Movement: बसपा प्रमुख मायावती ने जेन-जी और जेन-अल्फा के आंदोलनों के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों द्वारा आंदोलन ‘हाईजैक’ किए जाने से युवाओं के बीच गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
2 min read
• •
Updated: 6 Sep 2026, 1:20 PM IST
Mayawati, BSP, Akash Anand, Ashok Siddharth, UP Assembly Election 2027
बसपा प्रमुख मायावती। फोटो-IANS

Mayawati Gen Z Movement: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने जेन-जी और जेन-अल्फा की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलनों के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर शुरू हुए आंदोलन को अलग-अलग राजनीतिक दलों ने ‘हाईजैक’ कर लिया है।

मायावती ने कहा कि इसकी वजह से आंदोलन पहले की तुलना में कम स्वतंत्र और ज्यादा राजनीतिक नजर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे युवाओं और छात्रों के सामने रखे गए बड़े-बड़े वादों और सपनों को लेकर गंभीर शंकाएं पैदा हो रही हैं।

मायावती बोलीं- युवाओं की समस्याओं के प्रति BSP संवेदनशील

मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि BSP को जेन-जी और जेन-अल्फा की जरूरी मांगों के प्रति पूरी सहानुभूति और चिंता है। उन्होंने पार्टी की सभी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्यों और क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करें और युवाओं की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान कराने के लिए प्रयास करें।

आंदोलन के राजनीतिक होने पर उठाए सवाल

BSP प्रमुख ने कहा कि देश में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जिनसे यह धारणा बन रही है कि युवाओं और बेरोजगारों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर शुरू किए गए आंदोलनों पर राजनीतिक दलों का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने जंतर-मंतर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां युवाओं और छात्रों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। लेकिन अब आंदोलन स्वतंत्र कम और राजनीतिक ज्यादा नजर आ रहा है, जिससे युवाओं के बीच कई तरह के सवाल और शंकाएं पैदा हो रही हैं।

BSP कार्यकर्ताओं को आंदोलन से दूर रहने की सलाह

मायावती ने कहा कि BSP युवाओं की जायज मांगों के समाधान के पक्ष में है, लेकिन पार्टी के अनुशासन के तहत उसके कार्यकर्ता धरना, प्रदर्शन या आंदोलन नहीं करेंगे। उन्होंने पार्टी की राज्य इकाइयों से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान कराने की दिशा में काम करें।

चुनाव के लिए ऊर्जा बचाने का निर्देश

मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं से अपनी तन, मन और धन की शक्ति के साथ ऊर्जा को चुनाव के लिए सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करने वाली ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सरकार बनाना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BSP की चार सरकारों के दौरान इसी दिशा में काम करके दिखाया जा चुका है। मायावती के मुताबिक, ऐसी सरकार बनने पर जेन-जी और जेन-अल्फा समेत सर्वसमाज की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

युवाओं के मुद्दों पर सियासत के बीच मायावती का संदेश

BSP प्रमुख मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब जेन-जी और जेन-अल्फा से जुड़े आंदोलनों में शिक्षा, रोजगार और युवाओं की समस्याएं प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं बसपा प्रमुख ने एक तरफ युवाओं की मांगों के प्रति समर्थन जताया है, वहीं दूसरी तरफ आंदोलनों में राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं।