
लखनऊ में रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा कि बैठक का उद्देश्य नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर बसपा का पक्ष रखना, पंचायती विभाग के कर्मचारियों की मांगों और प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे को उठाना तथा देशभर में पार्टी के संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा करना था।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि यूक्रेन और ईरान में जारी युद्ध ने दुनिया के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी की हैं। इसके साथ ही टैरिफ और आर्थिक मोर्चे पर भी देशों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर और मजबूत संबंध सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। मायावती ने कहा, “ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत बॉन्ड (बंधन) भी एक उम्मीद भरा कदम होगा।” उन्होंने ब्रिक्स मुद्रा के विकास को भी सदस्य देशों के बीच आर्थिक और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बसपा प्रमुख ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर ब्रिक्स देशों के रुख का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान और एक स्वतंत्र राष्ट्र के समर्थन को लेकर समूह की स्थिति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन समस्या के समाधान के लिए 1967 की सीमाओं के आधार पर दो-राज्य समाधान और स्वतंत्र फिलिस्तीन का समर्थन किया गया है।
मायावती ने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स की प्रतिबद्धता को भी भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में आतंकवाद के खिलाफ समूह के रुख का जिक्र किया। बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की स्थिति को उचित समर्थन मिला है।
भारत और चीन के रिश्तों पर भी मायावती ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और एक-दूसरे को विकास में साझेदार मानने के दृष्टिकोण को उसके परिणामों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस दृष्टिकोण से दोनों देशों के संबंधों में कितनी तेजी से सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
मायावती ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के जल्द समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दे का आपसी बातचीत और समझ के जरिए जल्द से जल्द समाधान होना उचित होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर संबंधों और विकास के लिए दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों का समाधान जरूरी है।
मायावती की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देश वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय संघर्षों, आतंकवाद और आपसी संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। बसपा प्रमुख ने वैश्विक अस्थिरता के बीच ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।