बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है।
लखनऊ. बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। लखनऊ स्थित अपने आवास पर उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में जिस प्रकार से अपने वोटों के स्वार्थ की राजनीति के लिए परमपूज्य बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर का नाम इस्तेमाल किया है, उस पर प्रतिक्रिया के रूप में मेरा यह कहना है कि इनके पिछले लगभग साढे़ चार वर्षों के शासनकाल में ख़ासकर दलितों व पिछडों के मामले में इनकी पार्टी व इनकी सरकार का बहुत नाटक व ढोंग आदि हो चुका है तथा अब उन्हें व उनकी पार्टी को और ज्यादा नाटक व ढोंग आदि करने से इन्हें कोई भी राजनैतिक
लाभ मिलने वाला नहीं है।
मायावती ने आगे कहा कि बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर का समतामूलक समाज-व्यवस्था के निर्माण व मानवतावादी सोच का भारत बीजेपी व आरएसएस एण्ड कम्पनी के राज में तो कभी भी नहीं बन सकता है जैसा कि कल इन्होंने अपनी मन की बात में कहा है क्योंकि इनकी सोच बाबा साहेब की सोच से बिल्कुल ही अलग व संविधान की मंशा के विरूद्ध अत्यन्त ही संकीर्ण, जातिवादी व घोर सांप्रदायिक भी है । इसी कारण अपने देश की जनता ने इनको लगभग 65-70 वर्षों तक यहाँ की सत्ता से दूर रखा था और अब पिछले लोकसभा आमचुनाव में केवल लगभग 31 प्रतिशत वोटों के बल पर बहुमत से सत्ता प्राप्त कर लेने पर पूरे देश की जनता ने इनका अत्यन्त ही निरकुंश व भयावह ग़रीब, मजदूर एवं किसान-विरोधी रूप देख लिया है और खासकर देश के करोड़ों दलितों व पिछडों के हित व कल्याण के मामले में तो इनकी सरकार का रवैया अभी तक बहुत ही ज़्यादा हीन व जातिवादी मानसिकता वाला रहा है, जिस कारण बहुसंख्यक वर्ग के लोग आज भी जीवन के हर क्षेत्र में और भी ज्यादा पिछड़ते चले जा रहे हैं। इसके साथ ही काफी लम्बे समय तक अत्यन्त ही कड़े संघर्ष व जद्दोजहद के बाद हासिल किये गये मण्डल आयोग को भी इस सरकार ने काफी हद तक दलितों के आरक्षण की तरह ही निष्क्रिय व निष्प्रभावी भी बना दिया है। इन सभी उपेक्षित समाज के लोगों को फिर से अन्धकार में ले जाने का इनका यह जातिवादी प्रयास अभी भी लगातार जारी है जो किसी से छिपा नहीं है, जिसकी पुष्टि इनके राज में हुए खासकर हैदराबाद के दलित छात्र रोहित बेमुला काण्ड, गुजरात के ऊना का दलित उत्पीड़न काण्ड व सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गाँव हुए दलित उत्पीड़न काण्ड से स्पष्ट तौर से हो जाती है।
मायावती ने कहा कि इस प्रकार बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार का यह सब नाटक व ढोंग आदि नहीं तो और क्या है कि इनके द्वारा मुँह में राम व बगल में छुरी की तरह बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर का नाम तो लिया जाता है परन्तु इनके समाज को हर स्तर पर पीछे ढकेलने व इनका उत्पीड़न आदि करने तथा इनकी मानवतावादी सोच को हर प्रकार से कुचलने का हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास भी किया जाता है और इसका ताज़ा-ताजा उदाहरण यह है कि यहाँ उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में हुए राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी ने एक धन्नासेठ को पूरे धनबल व सरकारी भय व आतंक का इस्तेमाल करके बाबा साहेब के हमनाम भीमराव अम्बेडकर को एक अतिरिक्त सीट पर षडयंत्र करके उसे जबरन हरा दिया गया है।
मायावती ने कहा कि यहाँ के करोड़ों दलितों पिछडों, मुस्लिमों व अन्य धार्मिक अप्ल्संख्यकों तथा अपरकास्ट के गरीबों के मामले में बीजेपी व प्रधानमंत्री की सरकार न केवल खराब व बदत्तर है बल्कि बदनाम भी है। ऐसी स्थिति में इनके शासनकाल में अपना देश कभी भी यहां बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के सपनों का मानवतावादी व आदर्श लोक कल्याणकारी देश नहीं बन सकता है और इनके वर्तमान शासन में तो लोगों की यह धारणा और भी ज्यादा पक्की होकर उभरी है। इसके इलावा यहाँ उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में राज्यसभा चुनाव के आये नतीजों को लेकर 24 मार्च को मेरी हुई प्रेसवार्ता के बाद से तो अब बीजेपी के लोग बहुत बुरी तरह से बौखलाए व परेशान होकर घूम रहे हैं और ये लोग सपा व बसपा की नजदीकी को लेकर जो किस्म-किस्म की बयानबाजी कर रहे हैं तो उन्हें मैं यह बताना चाहती हूँ कि हमारी यह नजदीकी, अपने स्वार्थ के लिए नहीं बन रही हैं बल्कि केंद्र व खासकर बीजेपी शासित राज्यों में इनकी गलत-नीतियों व गलत कार्यशैली की वजह से जो अब देश की आम जनता जबरदस्त परेशानी में है और इनकी बिना पूरी तैयारी के लिए गये खासकर नोटबन्दी व जीएसटी के लागू किये जाने से तो अब यहाँ देश में खासकर गरीब व नौजवान लोग काफी ज्यादा बेरोजगार होकर घूम रहे हैं।