
BSP Devvrat Tyagi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी में संगठन और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल अब जमीन पर भी दिखाई देने लगे हैं। आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह बाहर किए जाने के दो दिन बाद मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा बसपा प्रमुख मायावती को भेजा है।
देववृत्त त्यागी का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है, जब बसपा में पिछले कुछ दिनों में लगातार बड़े बदलाव हुए हैं। 3 सितंबर को आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह बाहर कर दिया। इसी घटनाक्रम के बीच मऊ में मुहम्मदाबाद गोहना से पूर्व बसपा प्रत्याशी धर्म सिंह गौतम ने भी पार्टी छोड़ दी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देववृत्त त्यागी ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी में लगातार हो रहे संगठनात्मक फेरबदल को वजह बताया है। उनका कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के समय संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जरूरत है, लेकिन लगातार पदाधिकारियों को बदलने से कार्यकर्ताओं में असमंजस और अविश्वास पैदा हो रहा है।
उनका आरोप है कि पार्टी मुख्यालय में लिए जा रहे कुछ फैसलों से संगठन मजबूत होने के बजाय कमजोर हो रहा है। देववृत्त के मुताबिक चुनावी तैयारियों के इस दौर में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, उनके साथ संवाद बढ़ाने और बूथ स्तर पर रणनीति तैयार करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
देववृत्त त्यागी ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के फैसले को भी गलत बताया है। उनका कहना है कि चुनावी तैयारियों के बीच आकाश आनंद को बाहर करने से कार्यकर्ताओं के बीच अच्छा संदेश नहीं गया।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के फैसले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है। मायावती ने कहा है कि आकाश को पार्टी से पूरी तरह मुक्त किया गया है। यह कार्रवाई 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद हुई।
देववृत्त का कहना है कि संगठन में बदलाव केवल शीर्ष स्तर तक सीमित नहीं हैं। जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों में भी बदलाव होते रहे हैं।
उनके मुताबिक बार-बार होने वाले फेरबदल से स्थानीय कार्यकर्ताओं को यह समझने में परेशानी हो रही है कि चुनाव के लिए संगठन की स्थायी टीम कौन सी है और किस नेतृत्व के साथ उन्हें काम करना है।
बसपा के भीतर असंतोष की चर्चा सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं है। मऊ में मुहम्मदाबाद गोहना से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी धर्म सिंह गौतम भी आकाश आनंद के समर्थन में पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई और आकाश को लेकर पार्टी की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। ऐसे में देववृत्त त्यागी का इस्तीफा बसपा के लिए पश्चिमी यूपी में एक अलग संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि इसका असर बड़े पैमाने पर संगठन पर पड़ेगा।