
यूपी में भारी बारिश से 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। (ANI Photo)
Uttar Pradesh Flood: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। पीलीभीत में शारदा नदी के तेज कटान से किनारे बने मकान और पेड़ नदी में समा गए। बाराबंकी में सरयू नदी के बढ़ते पानी के कारण मस्जिद का आधा हिस्सा नदी में लटक गया है। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के 60 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में कहीं 3 फीट तो कहीं 10 फीट तक पानी भर गया है। उन्नाव में गंगा किनारे बसे 10 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 800 घरों में रहने वाले 30 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
शुक्लागंज में बुधवार रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 113.01 मीटर पहुंच गया था, जो चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। कानपुर में गंगा खतरे के निशान को पार करने के बाद अब चेतावनी बिंदु से सिर्फ 29 सेंटीमीटर दूर है। 12 घंटे में जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ने से कटरी के कई गांव टापू बन गए हैं।
कानपुर के कई गांवों में रास्ते पानी में डूब चुके हैं। करीब 12 गांवों के लोग घरों में फंसे हैं और आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। पुराना कानपुर के तिवारी घाट में घरों के बाहर तक पानी पहुंच चुका है। यहां से 35 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भगवानदीन पुरवा में बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है।
बनियापुरवा, दुर्गापुरवा, डल्ला पुरवा और लक्ष्मण पूर्व में पानी गलियों तक पहुंच रहा है। चिरान, पपरिया और चंदी पुरवा में पानी घरों की डेहरी तक पहुंच गया है। खेत और बाग भी पानी में डूब गए हैं। तिवारी घाट बस्ती के ज्यादातर लोग प्राथमिक विद्यालय के शेल्टर होम में पहुंच गए हैं।
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। संगम के प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। लेटे हनुमान जी मंदिर 14 दिन से जलमग्न है। वाराणसी में सभी घाटों के ऊपर पानी चल रहा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
लखनऊ के कई इलाकों में गोमती नदी की बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। बीकेटी तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है। धान और गन्ने समेत कई फसलें बर्बाद हो गई हैं। पशुओं का चारा भी पानी में डूब गया है। सड़कों पर पानी बहने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है। सुल्तानपुर, बहादुरपुर, राजापुर, अकरिया कला, लासा, जमखनवा और दूघरा लासा समेत कई गांवों में खेतों तक पानी पहुंच गया है। सैकड़ों बीघा धान, गन्ना और सब्जियों की फसल डूब गई है।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 30 से ज्यादा शहरों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने प्रदेश के 60 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और झांसी समेत 20 शहरों में तेज बारिश हुई। खराब मौसम के कारण दिल्ली से वाराणसी जा रही इंडिगो की फ्लाइट IX-1827 को लखनऊ डायवर्ट किया गया। रात 9.45 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि यूपी में मानसून अब अंतिम चरण में है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं से 2 दिनों तक पूर्वी यूपी में मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी यूपी में फिलहाल बारिश रुकी हुई है, लेकिन दो दिन बाद हल्की-फुल्की बारिश शुरू हो सकती है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन निगरानी के साथ बचाव अभियान चला रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, गुरुवार को 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब तक 21,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है। बचाव कार्य में 2,385 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। राहत शिविरों में 2,972 लोग रह रहे हैं।
गुरुवार को 72,620 लंच पैकेट और 9,937 राहत किट बांटी गईं। अब तक 9.31 लाख से ज्यादा लंच पैकेट और 1.49 लाख से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट बांटे जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 1,165 मेडिकल टीमें लगाई हैं। 7.22 लाख से ज्यादा क्लोरीन टैबलेट और 2.97 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं।
अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशाम्बी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी बाढ़ प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
Updated on:
12 Sept 2026 09:05 am
Published on:
12 Sept 2026 09:05 am
