
नवाबों का शहर लखनऊ, तहजीब और मुहब्बत के लिए जाना जाता है। यहाँ पर कुछ ऐसे भी लोग है जो अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा कुछ ना कुछ नया करते ही रहते है लेकिन लखनऊ मनकामेश्वर मंदिर क्षेत्र में कई सालों से एक अंसारी परिवार ने एक मिसाल बना के रखी हुई है जिसकी वजह से इनका सभी सम्मान करते हैं। आईये जानते हैं क्या है इनकी खासियत।
टोपी लगाकर, माथे पर लगाया तिलक
महमूद अली अंसारी ने बताया कि मनकामेश्वर मंदिर के परिसर में बचपन बीता आज उसी जगह मेरा पूरा परिवार शिव की आराधना करता है । उन्होंने कहा कि मंदिर में होने वाली रोज शिव आरती में परिवार की मुख्य भूमिका रहती है। कभी किसी ने कहा। लेकिन जब अपने ही समुदाय के लोगो को हम सलाम करते है तो वो लोग जवाब नहीं देते और चले जाते है, तो बहुत दुःख होता है। अली अंसारी ने कहा कि हमारे पवित्र गंथ्रों में कही भी नहीं लिखा है कि हम कोई और काम नहीं कर सकते है।
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स्थानीय लोगों ने बताई खास बात
मंदिर परिसर में 5 साल से रहने वाले रमेश ने बताया कि अली भाई कह कर सभी लोग बुलाते है और वो उसका जवाब देते है। कौन हिन्दू, कौन मुसलमान हम लोग एक है, हमारी तहजीब, संस्कार एक है।