नई मेट्रो पालिसी आने के बाद भी नए मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अधिकारी सोच समझ कर कदम रख रहे हैं।
लखनऊ. प्रदेश सरकार तेजी से मेट्रो प्रोजेक्ट्स शुरू करना चाहती है लेकिन अधिकारी अब भी फ़िज़ूल खर्ची से बचना चाहते हैं। यही वजह है कि नई मेट्रो पालिसी आने के बाद भी नए मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अधिकारी सोच समझ कर कदम रख रहे हैं। शनिवार को मेट्रो मैन इ श्रीधरन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से लगभग 20 मिनट मुलाक़ात की। सीएम ने उनसे प्रदेश के अन्य शहरों में चलने वाले ,मेट्रो प्रोजेक्ट्स के डीपीआर और उसकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया गया कि लखनऊ मेट्रो के काॅरिडोर चरण 1ए का काम बहुत अच्छी तरह से चल रहा है जो कि निर्धारित तय समय- सीमा के भीतर ही पूर्ण कर लिया जायेगा। साथ ही अन्य शहरों का डीपीआर पास होते ही कार्य शुरू हो सकेगा। 25 जनवरी को डीपीआर भेजा गया था जो जल्द ही मंज़ूर हो सकता है। इ श्रीधरन की मुलाक़ात प्रमुख सचिव राजीव कुमार से भी हुई। राजीव कुमार ने आगे आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स के साथ अन्य मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी ट्रैम्प, बस रैपिड सिस्टम आदि जैसे विकल्पों पर विचार करने की राय दी। आपको बतादें फिलहाल कानपुर, आगरा और मेरठ का डीपीआर केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा गया है। आगे आने वाले समय में वाराणसी, गोरखपुर और अल्लाहाबाद में मेट्रो चलाने की योजना है।
लखनऊ मेट्रो की समीक्षा
ई. श्रीधरन, प्रधान सलाहकार, लखनऊ मेट्रो ने चैधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से मुंशीपुलिया तक 23 किमी0 लम्बे उ0-दक्षिण काॅरिडोर (फेज 1) की समीक्षा की। वहीँ गोरखपुर, वाराणसी व इलाहाबाद में आने वाली मेट्रो परियोजनाओं के डी.पी.आर. भी जल्द से जल्द लखनऊ मेट्रो द्वारा राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए कहा।
मुख्य सचिव ने कहा वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट पर भी दे ध्यान
मुख्य सचिव द्वारा डाॅ. श्रीधरन को प्रदेश के अन्य नगरों में लो-काॅस्ट टेक्नोलाॅजी पर आधारित मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के क्रियान्वयन पर विचार करने को कहा गया। उनके द्वारा इस सम्बन्ध में अन्य रेल आधारित वैकल्पिक साधनों के परीक्षण किये जाने के सम्बन्ध में बल दिया गया। डाॅ. श्रीधरन द्वारा मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि इस सम्बन्ध में काॅस्ट आॅप्टिमाइजेशन का कार्य पहले से ही किया जा रहा है तथा शीघ्र ही इस सम्बन्ध में उन्हें अवगत कराया जायेगा। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा सी.जी. सिटी परियोजना में लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन हेतु चिन्हित 150 एकड़ भूमि को शीघ्र हस्तान्तरित किया जाना होगा।