UP Police Update: लखनऊ के मोहनलालगंज में पुलिस ने दो साल से लापता नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, परिजनों को सौंपते हुए बड़ी सफलता हासिल की।
UP Police Missing Minor Found After 2 Years in Lucknow: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने करीब दो वर्षों से लापता नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए असली आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस सफलता से जहां एक ओर पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को भी बड़ी राहत मिली है।
यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) निपुण अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए इस मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस केस को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया था और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही थी, जिससे अंततः सफलता हासिल हुई।
मामले की शुरुआत 3 अप्रैल 2024 को हुई थी, जब एक व्यक्ति ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस पर पुलिस ने तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। प्रारंभिक जांच के दौरान एक व्यक्ति को नामजद किया गया था, लेकिन बाद में जांच में उसकी संलिप्तता नहीं पाई गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उसे केवल संदेह के आधार पर नामित किया गया था।
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरीकों का सहारा लिया। एक ओर जहां मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, वहीं दूसरी ओर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी लगातार सुराग जुटाए गए। करीब दो वर्षों तक चली इस खोजबीन के बाद आखिरकार पुलिस को एक अहम सूचना प्राप्त हुई, जिसने पूरे मामले को सुलझाने का रास्ता खोल दिया।
21 मार्च 2026 को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने सिसेंडी-मौरावां मार्ग स्थित रायपुर तिराहे के पास घेराबंदी की। पुलिस की सक्रियता के चलते मौके पर मौजूद किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया। मौके पर एक संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद था, जिसे पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में संदिग्ध ने अपना नाम श्रवण कुमार (32) निवासी जनपद हरदोई बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2024 में उसी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और तब से उसे अपने पास ही रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को 22 मार्च 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, मामले की गहन जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दौरान और कौन-कौन से तथ्य सामने आ सकते हैं।
करीब दो वर्षों तक बेटी की तलाश में भटक रहे परिजनों के लिए यह पल बेहद भावुक और राहत भरा रहा। जैसे ही उन्हें किशोरी के मिलने की सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी बेटी को देखकर भावुक हो उठे। पुलिस ने सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता, धैर्य और लगातार प्रयासों की सराहना की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदगी और अपहरण जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और हर संभव प्रयास किया जाता है कि पीड़ित को सुरक्षित बरामद किया जा सके।
समर्थ नारी संगठन की अध्यक्ष नीरा वर्षा सिन्हा ने कहा कि यह घटना समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना बेहद आवश्यक है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। दो साल बाद बिछड़े परिवार का मिलन इस बात का प्रमाण है कि निरंतर प्रयास और भरोसे से मुश्किल से मुश्किल हालात में भी उम्मीद जिंदा रहती है।