
पत्रिका उत्तर प्रदेश
लखनऊ. उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले खुद को उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने की मांग करने वाले निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद अब बेटे प्रवीण निषाद को मोदी कैबिनेट में जगह न मिलने पर सवाल उठाए हैं। अपना दल एस की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल को मंत्रीमंडल में शामिल होने की संभावना पर कहा कि जब अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाया जा सकता है तो प्रवीण निषाद को क्यों नहीं।
संजय निषाद ने कहा कि 2018 में प्रवीण निषाद ने योगी आदित्यनाथ को हराया। (उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में जीते थे) इसके बाद भाजपा के साथ आए और बीजेपी 40 सीटें जीतने में सफल रही। संजय निषाद ने दावा किया कि हमने पंचायत चुनावों में 160 सीटें जीतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अनुप्रिया पटेल को मोदी सरकार की कैबिनेट में जगह मिल सकती है तो उनके बेटे सांसद प्रवीण निषाद को क्यों नहीं।
बताते चलें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के प्रथम मंत्री मंडल विस्तार में उत्तर प्रदेश से अपना दल एस की अध्यक्ष और मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल, मोहनलालगंज के भाजपा सांसद कौशल किशोर, खीरी से सांसद अजय मिश्रा, महाराजगंज से पंकज पचौरी, आगरा से एसपी सिंह बघेल और जालौन से सांसद भानु प्रताप वर्मा व राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा को मंत्री परिषद में शामिल किया गया है।