खादी अब कुर्ता व धोती व पैजामा से निकलकर कर खादी जींस, स्कर्ट, लैगी, बमचम शॉर्ट्स व लोवर तक पहुंच चुकी है। खादी को नए स्वरूप में ढाला जा रहा है। जींस से लेकर डिजाइनर शर्ट के साथ ही मोदी जैकेट और भइया जी की खादी के नाम से प्रचलित कपड़ो के रूप में युवाओं के साथ ज्यादा लोकप्रिय होता जा रहा है।
लखनऊ. लखनऊ के चारबाग Char bag lucknow में बाल संग्रहालय मैदान में आधुनिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगी है। इस प्रदर्शनी में नेशनल इंस्टीटीयूट आफ फैशन टेक्नोलाजी (निफ्ट) की ओर से खादी को एक नया रूप दिया जा रहा है यहाँ पर खादी का उपयोग आधुनिक तरीके से किया जा रहा है इस प्रदर्शनी में जींस से लेकर डिजाइनर शर्ट के साथ ही मोदी जैकेट और भइया जी की खादी के नाम सेसबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रही है जिसके चलते युवा अब खादी khadi की ओर रुख कर रहे हैं।
क्या है ख़ास
खादी अब युवाओं के बीच काफी तेज़ी से अपनी जगह बना रहा है खादी को स्पेशल बनाने के लिए अब खादी के साथ अब रेशम और रंगीन धागों को मिलाकर खादी को और भी आकर्षक बनाया गया है रेशम खादी अब कुर्ता व धोती व पैजामा से निकलकर कर खादी जींस, स्कर्ट, लैगी, बमचम शॉर्ट्स व लोवर तक पहुंच चुकी है। खादी को नए स्वरूप में ढाला जा रहा है। जींस से लेकर डिजाइनर शर्ट के साथ ही मोदी जैकेट modi jaket और भइया जी की खादी के नाम से प्रचलित कपड़ो के रूप में युवाओं के साथ ज्यादा लोकप्रिय होता जा रहा है।
विदेशों में भी लोकप्रिय खादी
जिस खादी की कहानी गाँधी से जुडी है अब वही खादी को अंग्रेजो में भी काफी लोकप्रिय हो गयी है। खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से बनाए गए उत्पाद तो देश के साथ ही इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया व इराक तक जाने लगा है।युवाओं के बढ़ते रुझान की वजह से खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से हाथ के साथ ही अब सोलर चरखे के माध्यम से धागा बनाने का निश्चय किया है। जिससे कम समय में ही ज्यादा कपड़ो का उद्योग किया जा सके।