भारतीय तेजगेंदबाज मोहम्मद शमी बंगाल टीम की तरफ से घरेलू मैच खेलते हैं, जबकि वह यूपी के अमरोहा जिले के रहने वाले हैं। शमी ने इसके पीछे वजह खुद ही बताई है। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
विश्वकप किक्रेट 2023 में गदर मचाने वाले मोहम्मद शमी के इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। 33 साल के तेज गेंदबाज माेहम्मद शमी ने टूर्नामेंट के 7 मैच में सबसे अधिक 24 विकेट झटके। इस टूर्नामेंट में शमी ने का 7 विकेट बेस्ट प्रदर्शन रहा। शमी 3 बार 5 विकेट झटके। हालांकि, भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट से हार गई और एक बार फिर खिताब जीतने में असफल रही।
इस टूनामेंट में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का जलवा रहा। शमी यूपी के अमरोहा के रहने वाले हैं। शमी पर सिर्फ अमरोहा वालों का ही नहीं बल्कि बंगाल वालों का भी हक है। इसका कारण है कि शमी अपना घरेलू क्रिकेट बंगाल की ओर खेले हैं। यूपी के रहने वाले शमी बंगाल के लिए क्यों खेले हैं, इसके पीछे की वजह उन्होंने खुद बताई।
यूपी वाले लात मारकर देते थे निकाल
मोहम्मद शमी का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें शमी ने बताया कि जब उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तब उन्होंने शुरुआत उत्तर प्रदेश से ही की थी। शमी ने बताया कि दो साल यूपी की रणजी ट्रॉफी टीम के लिए ट्रायल दिया था। सब कुछ अच्छा रहता था लेकिन इसके बाद जैसे ही आखिरी राउंड आता था यूपी वाले लात मारकर बाहर कर देते थे।
वीडियो में शमी ने आगे कहते हैं कि अगले साल 1600 लड़के आए, जिनका ट्रायल तीन दिन में होना था। बड़े भइया मेरे साथ थे। भइया ने कहा कि यहां तो मेले चल रहा है। उन्होंने जाकर चीफ सेलेक्टर से बात की जिन्होंने ऐसा जवाब दिया जो कि भइया ने कभी सोचा नहीं था।”
सेलेक्टर के सामने ही शमी के भइया ने फाड़ दिया ट्रायल फॉर्म
शमी कहते हैं कि चीफ सेलेक्टर ने भइया से कहा कि अगर मेरी कुर्सी हिला सकते तो लड़का सेलक्ट हो जाएगा बहुत अच्छा है। भइया ने कहा कि हिलाने की छोड़ो मैं कुर्सी भी उलटा कर सकता हूं पावर इतनी है मेरे पास लेकिन लेना ऐसा नहीं चाहता। लड़के में दम हो तो लेना। सेलेक्टर ने इसके बाद कहा कि दम वालों का यहां कोई काम नहीं है। यह सुनकर शमी के बड़े भाई को बहुत गुस्सा आ गया और सेलेक्टर के सामने ही ट्रायल फॉर्म को फाड़ दिया। फिर शमी के भइया ने कहा कि वह और उनका भाई यूपी के लिए नहीं खेलेगा।
बंगाल के लिए खेलने लगे शमी
इसके बाद शमी ने त्रिपुरा के लिए ट्रायल दिया लेकिन वहां भी सेलेक्शन नहीं हुआ। फिर शमी को कोलकाता में क्लब क्रिकेट खेलने को मिला। पहले सीजन में शमी को पैसे नहीं मिले लेकिन उनका प्रदर्शन शानदार रहा। इसके बाद क्लब के सीईओ ने इनाम के तौर पर उन्हें 25 हजार रुपए दिए। क्लब क्रिकेट के वजह से ही शमी को पहले रणजी और फिर टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिला।