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10 हजार रुपए दो और पूरे महीने घर पर मौज करो…पुलिस विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला जवान सस्पेंड

UP Police constable Sunil Shukla : UP पुलिस में '10 हजार दो और महीने भर मौज करो' का दावा कर भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले सिपाही सुनील शुक्ला सस्पेंड। जानें क्या है पूरा मामला।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 20 May 2026, 2:20 PM IST

Sunil Shukla

सुनील शुक्ला को पुलिस विभाग ने किया सस्पेंड, PC- X

लखनऊ(UP Police constable Sunil Shukla) :उत्तर प्रदेश पुलिस में कथित भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले सिपाही सुनील शुक्ला को विभाग ने मंगलवार को सस्पेंड कर दिया है। सिपाही शुक्ला ने खुलासा किया था कि पुलिस विभाग में छुट्टी लेने के लिए 10 हजार रुपए घूस देनी पड़ती है। घूस देने वाले को पूरे महीने घर पर आराम से रहने की छूट मिल जाती है, जबकि ईमानदार जवान नियमित ड्यूटी पर रहते हैं।

सिपाही सुनील कुमार शुक्ला मूल रूप से अमेठी जनपद के गौरीगंज के रहने वाले हैं। वर्ष 2015 बैच के सिपाही हैं। बीते दिनों सुनील का वीडियो वायरल हुआ था, जिसे उन्होंने खुद पोस्ट किया था। उसमें सुनील ने रिजर्व पुलिस लाइन के गणना कार्यालय के प्रभारी, आरआई पर आरोप लगाया।

सिपाही सुनील शुक्ला ने अपने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऊपर से लेकर थाना स्तर तक घूस का एक पूरा नेटवर्क चल रहा है। उनके अनुसार, कई जवान और अधिकारी इस '10 हजार वाला खेल' में शामिल हैं। जो जवान 10 हजार रुपए देते हैं, उन्हें बिना किसी परेशानी के लंबी छुट्टी मिल जाती है और वे घर पर 'मौज-मस्ती' करते हैं। जो इस घूसखोरी में शामिल नहीं होते, उन्हें लगातार ड्यूटी पर रखा जाता है और तरह-तरह की परेशानियां दी जाती हैं।

वीडियो वायरल करने वाले सिपाही सुनील शुक्ला को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नाका कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल नीतू सिंह के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। सिपाही का कहना है कि उन्हें सस्पेंड इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार की खुली बात की। उन्होंने इस पूरे सिस्टम को घूस का खेल बताया और कहा कि यह आम जवान की मेहनत और ईमानदारी के साथ खिलवाड़ है।

पुलिस विभाग में घूस का खेल कैसे चलता है?

जवान सुनील शुक्ला ने एक पॉडकास्ट में बताया कि कई थानों और यूनिटों में छुट्टी (लीव) की मंजूरी के लिए निश्चित राशि वसूली जाती है। पूरे महीने की छुट्टी के लिए 10 हजार रुपए देने पर तुरंत मंजूरी और कोई पूछताछ नहीं। जो जवान घूस नहीं देते, उन्हें बार-बार ड्यूटी, नाइट ड्यूटी या कठिन पोस्टिंग दी जाती है। सिपाही शुक्ला का आरोप है कि यह खेल केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है।

सिपाही सुनील शुक्ला ने कहा- मुझे हर सजा मंजूर

सिपाही सुनील शुक्ला ने कहा, 'मैंने सिर्फ सच्चाई बोली है। अगर ईमानदारी का सजा सस्पेंशन है, तो मुझे मंजूर है। लेकिन इस भ्रष्टाचार को उजागर जरूर किया जाएगा।' विभागीय सूत्रों का कहना है कि शुक्ला के आरोपों की जांच की जाएगी, लेकिन फिलहाल उन्हें सस्पेंड रखा गया है।