
लखनऊ. प्रदेश में इस बार मानसून (Monsoon) की गति असामान्य रही। कहीं अधिक बारिश हुई तो कहीं कम। वहीं, कुछ जिले ऐसे भी रहे जहां बारिश सामान्य रही। हालांकि, इस बार के मानसून पर नजर डालें, तो सामान्य के मुकाबले प्रदेश में लगभग 22.5 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। यह बीते दो वर्षों के मुकाबले कम रही। अगर जिलेवार बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो 75 जिलों में से 28 में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश बहुत कम हुई। यहां मानसून की शुरुआत के पहले हफ्ते 28 मई से तीन जून तक को अच्छी बारिश हुई। इसके बाद अगले 16 हफ्तों यानी 23 सितंबर तक सामान्य ही बारिश हुई लेकिन उसके बाद 23 सितंबर तक के 16 सप्ताह के सफर में मात्र चार हफ्ते ही सामान्य बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि नौ हफ्तों में सामान्य के मुकाबले 40 से 80 प्रतिशत रहा।
सामान्य से कम हुई बारिश
इस बार प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई। राजधानी लखनऊ में 40 से 60 फीसदी बारिश हुई। जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई उनमें पीलीभीत, जालौन, आगरा, बदायूं, हाथरस, चंदौली, फर्रुखाबाद, औरैया, रायबरेली, संभल, बागपत, शामली, शाहजहांपुर, अमरोहा, उन्नाव, हरदोई, महोबा शामिल हैं। इसके अलावा कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां अच्छी बारिश को तरसते रहे। यहां बहुत कम करीब 40 फीसदी ही बारिश हुई। इनमें रामपुर, बुलंदशहर, कानपुर देहात, मथुरा, कौशांबी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं।
छह जिलों में जमकर बरसे बदरा
इस मानसून प्रदेश में केवल छह जिले जमकर बरसे बदरा। यहां सामान्य के मुकाबले काफी अधिक 120 फीसदी बारिश हुई। इनमें इनमें बस्ती, अंबेडकरनगर, चित्रकूट, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, बाराबंकी शामिल हैं। वहीं सूबे के कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां हालात सामान्य रहे। यहां 80 से 120 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड की गई। यह जिले सुल्तानपुर, देवरिया, बलरामपुर, संत कबीर नगर,बलिया, भदोही, आजमगढ़, बहराइच,प्रतापगढ़,लखीमपुर खीरी, महाराजगंज,वाराणसी, श्रावस्ती, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गोंडा, बांदा, हमीरपुर, अयोध्या, प्रयागराज व कन्नौज हैं।