योगी सरकार (Yogi Government) ने पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर अपना शिकंजा और कसना शुरू कर दिया है।
गाजीपुर. योगी सरकार (Yogi Government) ने पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर अपना शिकंजा और कसना शुरू कर दिया है। गाजीपुर (Ghazipur) जिला प्रशासन लगातार मुख्तार अंसारी और उनके करीबियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है। इसी क्रम में गाजीपुर डीएम के निर्देश पर मुख्तार के सगे भाई, पीए और दूसरे सहयोगियों के 10 शस्त्र लाइसेंस (Armed License) सस्पेंड कर दिये गए हैं।
गाजीपुर में कसा शिकंजा
सस्पेंड किये गए लाइसेंस वाले कुल आठ शस्त्रों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया, जबकि बाकी दो लखनऊ की शस्त्र दुकान पर जमा होने की जानकारी मिली। जिन्हें भी कब्जे में लेने के लिए गाजीपुर पुलिस टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्तार अंसारी के सगे भाई सिब्गतुल्लाह अंसारी के तीन शस्त्र, उनके पीए मिस्बाहुद्दीन के दो, दूसरे पीए जाकिर हुसैन उर्फ विक्की के अंसारी का एक, पार्टी कौमी एकता दल (Quami Ekta Dal) से चुनाव लड़े करीबी विक्रम अग्रहरी का एक, उनके करीबी अलाउद्दीन के दो शस्त्र और अबुफकर का एक शस्त्र शामिल हैं।
बेटे अब्बास से STF की पूछताछ
वहीं एक ही शस्त्र लाइसेंस पर कई असलहे खरीदने के मामले में एसटीएफ ने लखनऊ में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) से दोबारा पूछताछ की। एसटीएफ (UP STF) ने करीब 6 घंटे तक हुई पूछताछ में अब्बास द्वारा खरीदे गए असलहों की जानकारी ली। साथ ही एसटीएफ ने अब्बास को जल्द ही फिर पूछताछ के लिए बुलाने को कहा। दरअसल अब्बास अंसारी ने एक ही शस्त्र लाइसेंस पर छह असलहे खरीदे थे। इस मामले में लखनऊ की महानगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज है। इसके बाद अब्बास के दिल्ली और लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी कर सभी छह असलहों को जब्त कर लिया गया। अब अब्बास के पास मौजूद एक पिस्टल के बारे में एसटीएफ उससे पूछताछ कर रही है। अब्बास ने बताया कि वह पिस्टल दिल्ली के शस्त्र दुकान में जमा है। जिसके बाद एसटीएफ ने आगे की छानबीन शुरू कर दी है।