लखनऊ

मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में भाजपा सरकार से किया सवाल, इस मुद्दे को लेकर कही बड़ी बात

समाजवादी पार्टी के संरक्षक व सांसद मुलायम सिंह यादव इन दिनों खराब सेहत से जूझ रहे हैं, लेकिन अपनी बात रखने से वह पीछे नहीं हट रहे हैं।
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Updated: 18 Jul 2019, 8:25 PM IST
Mulayam
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संरक्षक व सांसद मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) इन दिनों खराब सेहत से जूझ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके वे बेबाकी से अपनी बात रख रहे। और जब बात सदन में कहनी हो, तो मुलायम कतई पीछे नहीं रहते। लोकसभा में उन्होंने किसान का मुद्दा उठाया और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किए गए किसानों को मिल रहे फायदे के दावे पर कटाक्ष किया और सरकार को जमकर घेरा। खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे बुधवार को सदन पहुंचे और किसानों के हित में स्पीटर ओम बिरला के सामने अपनी बात रखी।

क्या आप यह भूल गए हैं- मुलायम

उन्होंने कहा कि 65 फीसदी किसान गरीबी रेखा के नीचे हैं। क्या आप यह भूल गए हैं। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि कितने प्रतिशत किसान कर्जदार है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। और यहां बताया जा रहा है कि किसान मालदार हो गए हैं। सपा संरक्षक ने कहा कि किसान आज भी सबसे ज्यादा गरीब हैं और सबसे ज्यादा मेहनत करता है। सारे धंधे फायदे के हैं और सारे किसान घाटे में हैं। अगर वे लोग (कृषि कार्यों में) अपने परिवार की भी मेहनत जोड़ दें तो किसान जितना घाटे में है, उतना घाटे में कोई नहीं है।

मुलायम ने दिया सुझाव-

मुलायम सिंह यादव ने आगे कहा कि अगर किसी किसान के परिवार में पांच सदस्य हैं और उनकी मेहनत को 365 दिनों में बांट दिया जाए तो पता चलेगा कि मजदूरी बहुत कम पड़ती है। सपा संरक्षक ने इस दौरान किसानों के लिए शुरू की गई अलग-अलग योजनाओं का जिक्र भी किया और कहा कि इसे (किसानों के फायदे को) बढ़ाने के लिए ‘‘शनै: शनै: कोशिश’’ जारी है। चौतरफा प्रयास किया जा रहा है। फसलों का विविधिकरण हो।’’

ग्रामीण विकास मंत्री आए बैकफुट पर-

मुलायम के सवालों के बाद ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बैकफुट पर आ गए और उन्हें जवाब देना पड़ गया। उन्होंने कहा कि मैंने बिल्कुल ऐसा नहीं कहा कि पूरा किसान खुशहाल हो गया है। बल्कि यह कहा कि किसानों के चेहरे पर लाली आई है। उन्होंने आगे कहा कि 6,000 रुपए किसानों के खाते में पहुंचने से निश्चित रूप से किसानों की आय बढ़ी है।

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