नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज का फिर से होगा प्रकाशन 

नवजीवन, नेशनल हेराल्ड और उर्दू का कौमी आवाज उप्र के प्रमुख अखबारों में से एक थे

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Aug 31, 2016
national herald
लखनऊ. लखनऊ के कैसरबाग स्थित नेशनल हेराल्ड और नवजीवन की बिल्डिंग फिर से गुलजार होगी। अखबार नबीसों के लिए भी सुखद खबर है। सालों से बंद एक अखबार समूह के हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू प्रकाशन फिर से शुरू होंगे। जल्द ही नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज अखबार लोगों को पढऩे को मिलेंगे। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड ने इस बात की घोषणा बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए की। अखबार समूह के एडीटर इन चीफ की जिम्मेदारी नीलाभ मिश्र को दी गई है।

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कम्पनी का गठन 1937 में कांग्रेस नेता पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उस वक्त किया था जब ये देश अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ रहा था। संस्था के इन अखबारों के जरिए आजादी का बिगुल बजाने में आंदोलनकारियों को बड़ी सफलता मिली थी। नतीजा यह रहा कि जल्द ही ये अखबार देश के लोकप्रिय अखबारों में गिने जाने लगे थे।

अनुभवी पत्रकार हैं नीलाभ मिश्र
बताते चलें कि नीलाभ मिश्र पत्रकारिता का एक जाना पहचाना नाम हैं। आउट लुक हिन्दी मैग्जीन के सम्पादक नीलाभ मिश्र अंग्रेजी के अखबार नेशनल हेराल्ड और नवजीवन हिन्दी के सम्पादक होंगे। नीलाभ मिश्र का पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। उन्होंने सूचना के अधिकार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। सूचना के अधिकार कानून को बनाने में भी नीलाभ मिश्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

विधिक पचड़ों की वजह से हुए थे बंद
लखनऊ के कैसरबाग चौराहे के पास जेसी बोस रोड पर नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग से तीनों अखबार छपते थे। एक जमाने में पूरे उत्तर प्रदेश में नवजीवन, नेशनल हेराल्ड और उर्दू के कौमी आवाज का दबदबा था। लेकिन बाद के वर्षों में ग्रुप के अखबार विधिक पचड़ों में फंस गए। अंत में तीनों अखबारों का प्रकाशन बंद हो गया था। लखनऊ के अलावा ये अखबार दिल्ली और अन्य जगहों से भी प्रकाशित होता था।

इसलिए पड़ी जरूरत
कांग्रेसियों का कहना है कि देश एक बार फिर गुलामी में जकड़ रहा है। ऐसे में आजादी पाने का तरीका है मीडिया का सकारात्मक उपयोग। इसलिए कांग्रेस ने इन अखबारों को प्रकाशित करने एक बार फिर फैसला किया है।
Published on:
31 Aug 2016 04:23 pm
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