
शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड (फोटो- पत्रिका)
Suvendu Adhikari PA murder case : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश STF ने गुरुवार को बलिया में आरोपी नवीन सिंह के गोदाम पर छापेमारी कर 5 असलहे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में तीन ऑटोमेटिक विदेशी पिस्टल, एक रिवाल्वर और एक तमंचा शामिल है। इसके अलावा मौके से 45 कारतूस भी मिले हैं।
STF का दावा है कि हत्या के दूसरे दिन कार खरीदने वाले ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने ये हथियार नवीन सिंह को सौंपे थे। बरामदगी के बाद फेफना थाने में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
STF अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियारों में 3 ऑटोमेटिक पिस्टल USA निर्मित हैं। इसके अलावा कानपुर निर्मित एक रिवाल्वर और एक देसी तमंचा भी जब्त किया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों का चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से सीधा संबंध है या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी नवीन सिंह को STF ने CJM कोर्ट में पेश किया। CBI उसकी रिमांड चाहती थी ताकि उससे पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके। हालांकि, आवश्यक दस्तावेज पेश न होने के कारण अदालत ने रिमांड याचिका खारिज कर दी। इसके बाद अदालत ने नवीन सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में मऊ जेल भेज दिया।
वाराणसी STF के इंस्पेक्टर अनिल सिंह के अनुसार, नवीन सिंह को 19 मई को शहर के बिशुनीपुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम जानकारियां दीं। नवीन ने बताया कि 7 मई को ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू, राजकुमार सिंह और गोलू सिंह उसके पास आए थे। मोनू ने एक झोले में भरकर हथियार उसके पास रखने के लिए दिए थे। बाद में जब राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो उसने डर के कारण वह झोला घर से हटाकर अपने गोदाम में रख दिया।
इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड में पहले एक बड़ी चूक भी सामने आ चुकी है। पश्चिम बंगाल STF और अयोध्या एसओजी ने गलत पहचान के आधार पर बलिया निवासी राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। राज सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश महासचिव हैं। बाद में CBI ने बारासात कोर्ट को बताया कि नाम और पहचान में भ्रम होने के कारण निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। साक्ष्यों के अभाव और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत ने 20 मई को राज सिंह को रिहा कर दिया।
पश्चिम बंगाल से रिहा होकर गुरुवार सुबह जब राज सिंह बलिया स्थित अपने आनंद नगर आवास पहुंचे तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मीडिया से बातचीत में राज सिंह ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें बंगाल के CID कार्यालय ले जाया गया, जहां मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जबरन फंसाने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। राज सिंह ने खुद को निर्दोष साबित होने का श्रेय सीबीआई को दिया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सीबीआई हस्तक्षेप नहीं करती तो उनके साथ बड़ा अन्याय हो सकता था।
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Updated on:
22 May 2026, 12:59 PM IST
Published on:
22 May 2026, 12:59 PM IST
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