वहीं बीएसपी सुप्रीमो हिंदू त्योहारों से दूरी बनाकर प्रचार में जुटीं।
लखनऊ. चुनाव से पहले राजनीति के धुरंधर भगवान के भरोसे हैं। कोई नवरात्र का व्रत है तो कोई मंदिरों में माथा टेक रहा है। नवरात्र शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव नवरात्र का व्रत हैं। नवरात्र तक वे धार्मिक रहेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखधाम पीठ के महंत हैं। उन्होंने नवरात्र के प्रथम दिन गोरखपुर में कलश स्थापना की और विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की।
सीएम योगी नौ दिनों तक नवरात्र के सारे रीति रिवाज निभाते हैं। उधर कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी का मंदिर जाने का सिलसिला जारी है। वे भी नवरात्र व्रत हैं या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती हिंदू त्योहारों से दूरी बनाकर रखती हैं। मायावती को आज तक कभी भी दीपावली, होली या दूसरे हिंदू त्योहार मनाते नहीं देखा गया। वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने और प्रचार करने में जुटी हैं।
टाउनशिप बनाने को कहा है
बतादें कि पहले केवल बीजेपी पर ही यह आरोप विरोधी लगाते थे कि बीजेपी राम के नाम पर वोट मांग रही है। यह अलग बात है कि राहुल और अखिलेश किसी देवी देवता के नाम पर वोट नहीं मांग रहे हैं लेकिन जिस तरह से राहुल गांधी मंदिरों में दर्शन करने पहुंच रहे हैं उससे तो यही लगता है कि एक वर्ग के वोट को ये अपनी तरफ खींचने की कोशिश में लगे हैं। वहीं अखिलेश यादव ने इटावा में भगवान विष्णु का विशाल मंदिर और उनके नाम से एक टाउनशिप बनाने को कहा है।
छवि बदलने में जुटे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव किशोरावस्था से ही नवरात्र का व्रत रखते आ रहे हैं। वह सामान्यता मंदिर जाते नजर नहीं आते हैं। वहीं चुनावी महासमर को देखते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं। हाल ही में वे अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी आए थे तो यहां शिवभक्त के रंग में नजर आए और भगवान शिव का दर्शन कर पूजा-अर्चना की वहीं चित्रकूट में मंदिर जाकर उन्होंने पूजा अचर्ना की। राहुल गांधी लगातार मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मंदिरों में जाने से लेकर कैलास मानसरोवर यात्रा तक राहुल का टेंपल रन चर्चा में रहा है। कुछ सियासी पंडित राहुल के मंदिरों में किए जा रहे। इस दौरे को उनके हिंदुत्व के कार्ड खेलने से जोड़कर देख रहे हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुस्लिमों का नेता माना जाता है। वह भी अपनी छवि बदल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने रामलीला के कलाकारों को स्टाइपेंड दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने इटावा में भगवान विष्णु का विशाल मंदिर और उनके नाम से एक टाउनशिप बनाने को कहा है।