Nepal Plane Crash: नेपाल में बुधवार सुबह त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्लेन क्रैश हो गया। इस प्लेन में 19 यात्री सवार थे, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में प्लेन का पायलट मौत को मात देने में कामयाब रहा। आइए जानते हैं कौन हैं कैप्टन मनीष रतन शाक्य...
Nepal Plane Crash: नेपाल की राजधानी काठमांडु में बुधवार सुबह त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सौर्य एयरलाइंस का एक प्लेन टेक ऑफ करते समय क्रैश हो गया। इस हादसे में एक बच्चे समेत 18 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार हादसे के समय प्लेन में 19 यात्री सवार थे, जिसमें सिर्फ पायलट मनीष रतन शाक्य की जान ही बच पाई। पायलट मनीष शाक्य को रेस्क्यू करके नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनके सिर में लगी चोट का इलाज चल रहा है। वहीं, बचाव अभियान का नेतृत्व नेपाल सेना कर रही है।
हवाई अड्डे के सुरक्षा प्रमुख अर्जुन चंद ठाकुरी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि विमान को मरम्मत के लिए पोखरा ले जाया जा रहा था। इस विमान में 2 पायलट और 17 तकनीशियनों की टीम सवार थी। विमान ने रनवे 2 से टेक ऑफ किया था और रनवे 20 पर ही क्रैश कर गया। बताया जा रहा है कि विमान बॉम्बार्डियर CRJ-200ER था, जिसे साल 2003 में बनाया गया था।
कैप्टन मनीष रतन शाक्य का उत्तराखंड से खास रिश्ता निकला है। मनीष रतन शाक्य के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वर्तमान में वह शौर्य एयरलाइंस में डायरेक्टर ऑफ फ्लाइट ऑपरेशंस के कैप्टन हैं। इसके साथ ही वह CRJ200 के कैप्टन भी हैं। शाक्य ने अपनी स्कूली पढ़ाई सेंट जेवियर स्कूल और मसूरी के मॉडर्न स्कूल से की है। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत फरवरी 2012 में सिमरिक एयरलाइन्स से बतौर पायलट की थी। सिमरिक के साथ उन्होंने दिसंबर 2014 तक काम किया। इसके बाद वो सौर्य एयरलाइन्स के साथ जुड़ गए, तब से वह इसी के साथ ही जुड़े हुए हैं।
मीडिया के मुताबिक, यह विमान सौर्य एयरलाइंस का था। सौर्य एयरलाइंस नेपाल में दो बॉम्बार्डियर CRJ-200 क्षेत्रीय जेट विमानों के साथ घरेलू उड़ानें संचालित करती है। ये दोनों ही विमान 20 साल से ज्यादा पुराने हैं।
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब नेपाल में कोई विमान हादसा हुआ है। यहां पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। पिछले साल 15 जनवरी को नेपाल के पर्यटक शहर पोखरा में यति एयरलाइंस की एक उड़ान दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पांच भारतीयों सहित 72 लोगों की मौत हो गई थी।