लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बारे में खास बात ये है कि ये 3D ऑटोमेटेड मशीन गाइडेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। बता दें कि यह हाईवे के डेवलपमेंट के लिए 3D AMG टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला भारत का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य 2023 तक पूरा करने की समयसीमा तया की गई है।
लखनऊ. 3डी एएमजी (ऑटोमेटेड मशीन गाइडेंस) टेक्नालॉजी से देश कापहला एक्सप्रेस-वे यूपी में बनेगा। इस तकनीक से बनने वाले हाई-वे की गति लगभग दोगुनी हो जाएगी। साथ ही निमार्ण कार्य की पल-पल प्रगति की लाइव अपडेट अफसरों के फोन या कंप्यूटर पर मिलती रहेगी। एनएचएआई द्वारा लखनऊ से कानपुर के बीच बनाए जाने वाले इस अत्याधुनिक हाईवे का शिलान्यास बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया। 4200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 2023 तक पूरा होगा। शिलान्यास के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे।
वर्चुअल किया शिलान्यास
कानपुर में नितिन गडकरी को 14,199 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करना था, लेकिन मौसम खराब होने या फिर कोरोना संक्रमण की वजह से लखनऊ में वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित हुआ।
4200 करोड़ की लागत
लखनऊ-कानपुर ई-वे एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा। इस पर 4200 करोड़ की लागत आएगी। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को 3डी एएमजी टेक्नालॉजी से बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे बनने से लखनऊ-कानपुर के बीच की दूरी महज 40 से 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। यह एक्सप्रेस-वे अमौसी हवाई अड्डे से शुरू होगा और उन्नाव के रास्ते कानपुर में प्रस्तावित रिंग रोड से जुड़ जाएगा। एक्सप्रेस-वे का करीब 13 किमी एलीवेटेड होगा।
क्या है 3डी एएमजी तकनीक
एनएचएआई ने पहली बार 3डी एएमजी तकनीक का प्रयोग किया है। हालांकि भारत में कुछ निजी सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनियां इसका प्रयोग कर रही हैं। एनएचएआई ने इस तकनीक के इस प्रोजेक्ट को चुना है। इस तकनीक में मिट्टी के काम और पेविंग, एएमजी तकनीक निर्माण उपकरण के साथ सॉफ्टवेयर को जोड़ती है। इस वर्कफ्लो में डिजाइन, सर्वेक्षण और निर्माण कार्यों की प्रक्रिया ऑटोमैटिक होती है। जिससे परियोजना की अवधि और लागत को कम करने के साथ-साथ एरर के मार्जिन को कम किया जा सकता है।
यूपी में 7 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाएंगे
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यूपी में 7 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। गोरखपुर से सिलीगुड़ी (बंगाल) तक ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस हाई-वे भी बनेगा। यह हाई-वे गोरखपुर बाईपास से बिहार होकर सिलीगुड़ी जाएगा। 519 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे 32 हजार करोड़ रुपये से बनकर तैयार होगा।