एनआईए (NIA) का पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े अन्य संगठनों पर कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में एनआईए ने आज यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत 12 जगहों पर पीएफआई के तमाम ठिकानों पर छापेमारी की है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में छापेमारी की है। एनआईए की टीम ने यह छापेमारी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI से जुड़े संगठनों के ठिकानों पर की है। लखनऊ, सिद्धार्थ नगर, भदोही, कानपुर और गोरखपुर सहित देश भर में 20 अलग-अलग स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
एनआईए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन से जुड़े मामलों और गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में ये छापेमारी हुई है।
एनआईए ने कई डिजिटल उपकरण किए जब्त
एनआईए द्वारा एक प्रेस जारी की है। उसमें कहा गया है कि तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत मिले थे। इसमें कई डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव शामिल हैं। इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
इसके अलावा 8.5 लाख रुपए जब्त किया गया है। 12 जुलाई, 2022 को बिहार के पटना जिले के फुलवारी शरीफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
लखनऊ में एनआईए की टीम ने तीन अलग-अलग घरों में की छापेमारी
लखनऊ में एनआईए की टीम ने मदेयगंज थाना क्षेत्र के खदरा इलाके में तीन अलग-अलग घरों में छापेमारी की। टीम बुधवार सुबह लगभग 5 बजे उन तीन व्यक्तियों के आवासों पर पहुंची, जिनके नाम पहले पीएफआई गतिविधियों के संबंध में सामने आए थे। उन तीन लोगों से लगभग छह घंटे तक तक पूछताछ की गई।
कानपुर में एनआईए की टीम ने मूलगंज थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के आवास पर छापेमारी की। डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया और रिहा करने से पहले पुलिस स्टेशन में कई घंटों तक पूछताछ की गई।
दिल्ली में NIA की छापेमारी
उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली के फजलपुर, शाहीन बाग, ओखला और चांदनी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों में परिसरों में तलाशी ली गई। वहीं, मध्य प्रदेश में भोपाल, महाराष्ट्र में ठाणे और मुंबई, राजस्थान में टोंक और गंगापुर और तमिलनाडु के मदुरै में एनआईए ने तलाशी ली।
13 लोगों के खिलाफ दर्ज हुए एफआईआर
एनआईए ने इस मामले में अब तक कुल 13 संदिग्धों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज किए हैं। जांच के दौरान कुल 17 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उन पर पीएफआई की गैरकानूनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से भाग लेने का आरोप है। जिसमें इस मामले में पीएफआई सदस्यों और संदिग्धों को विदेशों से धन की अवैध फंडिंग भी शामिल है।
इससे पहले, एनआईए ने वर्तमान मामले में आरोपी व्यक्तियों और संदिग्धों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में कई तलाशी लीं।