यूपी के कुल 16 नगर निगमों में से 15 सीटें भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं, एक सीट बसपा के खाते में जाती दिख रही है।
लखनऊ. शुक्रवार सुबह से ही यूपी की राजनीति में कायासों का बाजार गर्म हो गया और हो भी क्यों न जो नगर निकाय चुनाव के रिजल्ट आने वाले थे। जैसे-जैसे वोटों की गिनती होती गई बीजेपी की झोली में एक के बाद एक सीटें आती गईं। यहां सीएम योगी आदित्यनाथ बीएसपी सुप्रीमो मायावती को जहां करारी मात दे रहे हैं तो वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निकाय चुनाव में साफ करने जा रहे हैं।
यूपी के कुल 16 नगर निगमों में से 15 सीटें भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं, एक सीट बसपा के खाते में जाती दिख रही है। अयोध्या में बीजेपी ने जीत दर्ज की है तो वहीं मथुरा में बीजेपी के मुकेश आर्य ने बाजी मारी है। यह दोनों सीटें भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थीं। अयोध्या से बीजेपी के ऋषिकेश उपाध्याय तो मथुरा से बीजेपी के मुकेश आर्य ने जीत दर्ज की है। इस चुनाव से अब योगी की ताकत निश्चित तौर पर बढ़ेगी और योगी आदित्यनाथ अपने विरोधियों अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती पर और हमलावर मुद्रा में नजर आएंगे। यूपी विधानसभा चुनाव जीतने के बाद यूपी नगर निकाय चुनाव को लोकसभा 2019 इलेक्शन का सेमीफाइनल माना जा रहा था और इस सेमीफाइनल में बीजेपी ने जबरदस्त जीत दर्ज कर रही है।
अखिलेश और माया को बनानी होगी नई रणनीति
बीजेपी जिस तरह से नगर निगम चुनाव में अपनी जीत का झंडा गाड़ते दिख रही है उससे तो यही लगता है कि बसपा और सपा को बीजेपी से टक्कर लेने के लिए नई रणनीति बना कर जनता में अपना विश्वास कायम करना होगा। यूपी नगर निकाय चुना जहां भाजपा के लिए राहत का पैगाम लेकर आई है तो वहीं सपा और बसपा के लिए संकट की घंटी बजाती दिख रही है। २०१९ में देश में लोकसभा का चुनाव होने वाला है। ऐसे में सपा और बसपा को बीजेपी को टक्कर देने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
आसान नहीं होगा
निकाय चुनाव में जीत से योगी यूपी में भाजपा के और मजबूत स्तंभ बन गए हैं। योगी ने इस चुनाव में जमकर प्रचार किया और कई जनसभाएं की। उन्होंने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रखा था और नजीता सबसे सामने है। भाजपा ने जिस तरह से सपा और बसपा को मात दी है। उससे आने वाले समय में योगी को टक्कर दे पाना इनके लिए आसान नहीं होगा।