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सुवेंदु अधिकारी के PA हत्या में बड़ा खुलासा, यूपी से जुड़े तार, संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले

Suvendu Adhikari PA Murder Case: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में बड़ा खुलासा। व्हाट्सएप ग्रुप पर बनी थी प्लानिंग, यूपी के शूटरों पर शक। यहां जानें पूरी खबर...

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लखनऊ

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Pratiksha Gupta

May 09, 2026

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सुवेंदु अधिकारी पीए मर्डर मिस्ट्री, यूपी कनेक्शन | फोटो सोर्स- IANS

Suvendu Adhikari PA Murder Case: बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इसके तार यूपी से जुड़ रहे हैं। जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं।

व्हाट्सएप ग्रुप पर हुई थी प्लानिंग

हत्या की पूरी साजिश बहुत ही सुनियोजित तरीके से रची गई थी। जांच एजेंसियों को ऐसे डिजिटल सुराग मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक सीक्रेट व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। आशंका है कि हत्या की प्लानिंग, आरोपियों की मूवमेंट, लोकेशन शेयरिंग और हमले का समय इसी ग्रुप के माध्यम से कोऑर्डिनेट किया गया था।

एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जांच अब उस शख्स तक पहुंचने पर केंद्रित है जिसने सुपारी किलरों को तैयार किया और पूरे ऑपरेशन को पर्दे के पीछे से संचालित किया। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

गाड़ियों का 'फर्जी खेल' और यूपी कनेक्शन

इस मामले में उत्तर प्रदेश का एंगल सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को उलझा कर रख दिया है। दरअसल, वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार का लिंक सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति से जुड़ा है। उस व्यक्ति ने अपनी गाड़ी बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था, जिसके बाद उसे यूपी के एक कथित खरीदार का फोन आया। अब एसआईटी की एक विशेष टीम यूपी में उस संदिग्ध फोन कॉल करने वाले की तलाश में जुटी है।

फर्जी नंबर प्लेट और लावारिस बाइक का रहस्य

पुलिस ने जांच के दौरान बारासात (रेल गेट नंबर-11) के पास से एक और संदिग्ध बाइक बरामद की है। इससे पहले एयरपोर्ट इलाके से जो गाड़ियां मिली थीं, उनकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। पुलिस को एक लाल रंग की चारपहिया गाड़ी की भी तलाश है, जिसमें करीब 7-8 हमलावरों के सवार होने की आशंका है। शक है कि यह गाड़ी बंगाल के बाहर के किसी राज्य में रजिस्टर्ड है।

जेल के भीतर रची गई साजिश?

जांच का एक सिरा बंगाल की जेलों की ओर भी जा रहा है। एसआईटी को अंदेशा है कि जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों ने इस पूरी सुपारी किलिंग को ऑपरेट किया है। पुलिस अब उन अपराधियों की कॉल डिटेल्स और मुलाकातियों की सूची खंगाल रही है, जिनके तार यूपी या अन्य राज्यों के शूटरों से जुड़े हो सकते हैं।